
औरंगाबाद में उपभोक्ता आयोग के हस्तक्षेप से डाकघर ने लौटाए फंसे 33,799 रुपया, 2 साल की लड़ाई के बाद हसपुरा के खाताधारक को मिली राहत।
बिहार के औरंगाबाद में डाकघर की लापरवाही के कारण 2 साल से अधिक समय से खाते में फंसे 33,799 रुपया आखिरकार उपभोक्ता आयोग के हस्तक्षेप से खाताधारक को मिल गए। मामला औरंगाबाद जिले के हसपुरा डाकघर से जुड़ा है।
*क्या था पूरा मामला*
परिवादी सूरयदयाल राम, पिता- राजा राम, पता: ग्राम अम्बा शरीफ, थाना हसपुरा, जिला औरंगाबाद, खाता: SB खाता संख्या 6415884307, डाकघर हसपुरा।सूरयदयाल राम का आरोप था कि उनके बचत खाते में ₹33,799 /- (तैंतीस हजार सात सौ निन्यानवे रुपये) कम एंट्री कर दी गई थी। इसे ठीक कराने के लिए उन्होंने हसपुरा डाकघर और डाक अधीक्षक, औरंगाबाद को कई बार आवेदन दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
RTI से पता चला कि डाक विभाग ने 27.09.2024 को ही राशि जमा करने का आदेश जारी कर दिया था, फिर भी खाते में पैसे नहीं आए। 05.08.2025 को विधिक नोटिस भेजने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परेशान होकर सूरयदयाल राम ने जिला उपभोक्ता परितोष आयोग औरंगाबाद में वाद संख्या 45/2026 दायर किया। इसमें उन्होंने बकाया राशि के साथ मानसिक क्षति के लिए ₹50,000 मुआवजे की भी मांग की थी। आरोप था कि डाक विभाग द्वारा "सेवा में त्रुटि" की गई है।
*डाक विभाग ने क्या कहा*
डाक अधीक्षक, औरंगाबाद मंडल ने 06.07.2026 को आयोग में जवाब दाखिल किया। इसमें बताया गया कि आंशिक राशि वाले खातों के लिए पहले स्पष्ट निर्देश नहीं थे। SB Order 15/2025 के बाद 01.04.2026 को औरंगाबाद प्रधान डाकघर को भुगतान का निर्देश दिया गया। विभाग ने बताया कि 18.05.2026 को खाता बंद कर खाताधारक के नाम चेक संख्या 639179 जारी कर भुगतान कर दिया गया है।
*नतीजा*
उपभोक्ता आयोग में मामला पहुंचने के बाद डाक विभाग ने कार्रवाई करते हुए फंसी हुई राशि का भुगतान कर दिया। इससे स्पष्ट है कि उपभोक्ता फोरम आम लोगों के लिए कितना कारगर मंच है।
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