
नगर पंचायत पट्टी में हैंडपंप रिबोर व मरम्मत का मांगा हिसाब, RTI से 12 बिंदुओं पर सूचना तलब
#प्रतापगढ़ । नगर पंचायत पट्टी में पिछले चार वर्षों के दौरान कराए गए हैंडपंप रिबोर एवं मरम्मत कार्यों को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा उठाया गया है। अधिवक्ता शिवम सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत नगर पंचायत पट्टी के जन सूचना अधिकारी को आवेदन देकर एक अप्रैल 2022 से आवेदन की तिथि तक कराए गए सभी हैंडपंप रिबोर एवं मरम्मत कार्यों से संबंधित अभिलेखीय सूचनाएं और प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं।
आरटीआई में कार्यों की सूची के साथ प्रत्येक कार्य की स्वीकृत लागत, वार्ड व स्थान, हैंडपंप की पहचान संख्या, कार्यादेश, प्राक्कलन, बीओक्यू, माप पुस्तिका (एमबी), तकनीकी सत्यापन, गुणवत्ता परीक्षण, भुगतान बिल-वाउचर, बैंक भुगतान और जीएसटी से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं। इसके अलावा सामग्री खरीद एवं स्टॉक रजिस्टर, कार्य से पहले और बाद के फोटो-वीडियो, जियो-टैग रिकॉर्ड, हैंडपंप रजिस्टर, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा टेंडर और कोटेशन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
आवेदन में वित्तीय वर्षवार स्वीकृत धनराशि और खर्च की गई रकम का विवरण भी मांगा गया है। किसी कार्य को लेकर शिकायत, जांच, ऑडिट आपत्ति, गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट अथवा अधिकारी के निरीक्षण की स्थिति में उससे संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
पिछली जनसूचनाओं को लेकर भी उठाए सवाल
अधिवक्ता शिवम सिंह ने बताया कि पूर्व में मांगी गई जनसूचनाओं के संबंध में कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि वास्तविक सूचना उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया गया। इस संबंध में उनके द्वारा प्रथम अपील भी दाखिल की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि प्रथम अपील के निस्तारण की निर्धारित अवधि के बाद भी यदि संतोषजनक और तथ्यात्मक सूचना नहीं मिलती है तो वह राज्य सूचना आयोग अथवा आवश्यकतानुसार न्यायालय की शरण लेंगे।
जनता के पैसे का हिसाब जनता को मिले
शिवम सिंह ने कहा कि आरटीआई के माध्यम से दस्तावेज मांगना किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि सूचना के अधिकार का प्रयोग है। सरकारी धन से कराए गए सार्वजनिक कार्यों की स्वीकृति, माप-जोख, भुगतान और गुणवत्ता से जुड़े अभिलेख सार्वजनिक जवाबदेही का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि पट्टी में विकास कार्यों को लेकर सवाल पूछना विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है। जनता का पैसा जहां खर्च हो, वहां उसका हिसाब भी जनता को मिलना चाहिए।
अब नगर पंचायत द्वारा मांगी गई सूचनाएं और अभिलेख उपलब्ध कराए जाने के बाद ही हैंडपंप रिबोर एवं मरम्मत कार्यों में खर्च हुई धनराशि, कार्यों की वास्तविक स्थिति और अपनाई गई प्रक्रिया की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।