
तालाब में डूबने से दो नाबालिगों की मौत घर से खेलने निकले थे, जेडीए की कॉलोनी में भरे पानी में तैरते मिले श!व
धवा। जोधपुर के करवड़ थाना क्षेत्र में रविवार को घर से खेलने निकले दो नाबालिग बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। दोनों के शव सोमवार सुबह गांव के श्मशान के पास जेडीए की ओर से काटी गई कॉलोनी में भरे पानी में तैरते मिले। घटना की सूचना मिलते ही करवड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
करवड़ थाना अधिकारी परमेश्वरी ने बताया कि मृतकों की पहचान विष्णु पटेल (13) पुत्र सोहनराम और नीतेश (11) पुत्र ओमाराम निवासी लोरड़ी पंडितजी के रूप में हुई है। दोनों रविवार को घर से खेलने के लिए निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। सोमवार सुबह दोनों के शव गांव के श्मशान के पास जेडीए की ओर से विकसित की जा रही कॉलोनी में भरे पानी में मिले।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर चिकनी मिट्टी होने के कारण प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि पैर फिसलने से दोनों बच्चे पानी में गिर गए और डूब गए। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
जेडीए की लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष है। लोगों का आरोप है कि जेडीए की ओर से काटी गई कॉलोनी में बरसात का पानी जमा है और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पानी निकासी और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो इस तरह की दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था।
दोनों मृतक बच्चों के माता-पिता किसान हैं। हादसे की खबर से परिवारों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर छा गई।