
जीवात्मा अनादि हैं, अनन्त हैं और अमर हैं -राज किशोर सहायजीवात्मा और परमात्मा का एकान्तता ही सनातन संस्कृति का आधार हैं -डा. धनाकर ठाकुरमानव और सभी जीव में एक बात सर्वमान्य हैं
संवाददाता मुकेश कुमार
,वह हैं-आत्मा -अमरेन्द्र जी लल्लू बाबूसर्वमंगला ज्ञान मंच पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवशर पर आयोजित त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतिम दिन के मुख्य अतिथि अमर उजाला के संपादक राज किशोर सहाय ने कहा कि हम सभी के शरीर के भीतर जीवात्मा स्थित हैं,जो न जन्म लेती हैं,न मरती हैं ,वह अनादि हैं, अनंत हैं और अमर हैं। संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि डॉ धनाकर ठाकुर ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवात्मा और परमात्मा का एकान्तता ही सनातन संस्कृति का आधार हैं।एक राम घट घट में व्याप्त हैं। संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि डॉ नारायण यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में जीवात्मा को अमर माना गया हैं। जीवात्मा इस धरा धाम पर कर्म फल भोगने के लिए आते हैं।सदन कुमार मिश्र ने कहा कि मनुष्य को धरती पर हमेशा कुछ ऐसा करना चाहिए, जिससे मनुष्य जीवन अमरत्व को प्राप्त कर सके। मनुष्य का कृति ही अमरत्व दिलाता हैं। संगोष्ठी में पूर्व कैप्टन वशिष्ठ कुमार झा ने कहा कि जीवात्मा कर्म,सुख दुःख से बंधा हुआ है, इसलिए हमें सद्कर्मों में तल्लीन हो कर ईश्वर भक्ति में लीन हो जाना चाहिए। डॉ गगनदेव चौधरी ने कहा कि संस्कृति समाज और व्यक्ति को जोड़ता है। गंगा समग्र के राष्ट्रीय संयोजक अमरेन्द्र जी लल्लू बाबू ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानव और सभी जीव में एक बात सर्वमान्य हैं कि सभी में एक आत्मा हैं, जो प्रकृति पंच भूत के आधार पर बना है। संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि समय को न तो सीमा में बांध सकते और न ही बंधन में। इसलिए हमें आत्मा को अमरता प्रदान करने के लिए सद् कर्मों में समय व्यतीत करते हुए जीवन सफल बनाना चाहिए। संगोष्ठी में आज दर्जनों विशिष्ट वक्ताओं ने अपने उद्गार व्यक्त किए, जिसमें प्रमुख हैं -डा मिथलेश पाण्डेय (राजगीर ), प्रो रामचंद्र प्रसाद सिंह, विश्व हिन्दू परिषद के राम शंकर कश्यप, प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ फूलेश्वर प्रसाद सिंह, जिला जद यू अध्यक्ष अजय पासवान, राष्ट्रीय लोजपा के प्रदेश महासचिव अरविंद कुमार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संगोष्ठी में पंडित नारायण झा जी के वैदिक मंत्रों के बीच सभी सम्मानित अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी के तीसरे दिन का विधिवत उद्घाटन किया गया। सभी सम्मानित अतिथियों को सर्वमंगला समिति के महासचिव राज किशोर प्रसाद सिंह (अधिवक्ता) तथा सचिव दिनेश प्रसाद सिंह के द्वारा मिथिला परम्परा के अनुसार सभी सम्मानित अतिथियों का पाग चादर और पुष्पहार भेंटकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर न्यास के सह सचिव/ प्रवक्ता प्रो प्रेम जी के द्वारा सभी सम्मानित अतिथियों को "सर्वमंगला पंचांग" तथा न्यास का साहित्य भेंट किया गया। संगोष्ठी में शक्ति समिति की अध्यक्षा ऊषा रानी के द्वारा सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत किया तथा न्यास के उप निदेशक डॉ अवधेश कुमार झा जी संगोष्ठी के तीसरे दिन विषय प्रवेश प्रस्तुत किया। संगोष्ठी के समापन पर चेरिया बरियार पुर के माननीय विधायक अभिषेक आनंद जी सभी सम्मानित अतिथियों तथा सर्वमंगला परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए संगोष्ठी के विषय चयन एवं चर्चा करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। माननीय विधायक जी कहा कि आज इस बिषय पर व्यापक चर्चा परमावश्यक हैं। जीवन से मुक्ति हम सबों के लिए सदैव आकर्षण का केन्द्र बिन्दु रहा है, अतः इस पर चर्चा होनी ही चाहिए। समारोह में स्वामी चिदात्मन जी महाराज का सानिध्य प्राप्त रहा, समारोह में सर्वमंगला परिवार के अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने सभी सम्मानित अतिथियों, आयोजन समिति एवं सभी सुधि श्रोताओं का हृदय से आभारी व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।