
एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है कि वह अपने छात्रों के दिलों में अपने लिए मित्रवत व्यवहार, विश्वास और अपनापन पैदा कर सके। लेकिन जब परिस्थितियां प्रतिकूल हों और उन परिस्थितियों के बावजूद छात्रों का प्रेम और सम्मान पहले से भी अधिक मिल जाए, तो उस एहसास को शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता।
कुछ समय पहले आपको सच बोलने की सजा मिली थी। परिस्थितियां भले ही उस समय आपके अनुकूल नहीं थीं, लेकिन अल्लाह सब जानता है—कब कौन सही था और कब कौन गलत। इंसान चाहे कुछ भी समझे, असली इंसाफ ऊपर वाला ही करता है।
आज उसी इंसाफ का खूबसूरत एहसास देखने को मिला। जब आप दोबारा अपने बच्चों के बीच पहुंचे तो न सिर्फ आपके अंदर दोगुना उत्साह था, बल्कि बच्चों की आंखों और चेहरों पर भी पहले से दोगुना जोश, खुशी और अपनापन साफ दिखाई दे रहा था।
शायद यही एक सच्चे शिक्षक की सबसे बड़ी कमाई है—अपने छात्रों के दिल में ऐसी जगह बनाना, जिसे कोई परिस्थिति, कोई दूरी और कोई गलतफहमी मिटा न सके।
बच्चों का यह प्रेम इस बात का प्रमाण है कि सच्चाई और अच्छे व्यवहार की नींव पर बने रिश्ते वक्त की कसौटी पर और भी मजबूत होकर सामने आते हैं।
अल्लाह का शुक्र है कि आखिरकार सच की जीत हुई और अपनों का प्यार पहले से भी ज्यादा मिला। ❤️
Raees Ahmad