
अररिया में नकली बीज-खाद के अवैध कारोबार की आशंका, गैयारी गांव में कृषि विभाग-पुलिस की संयुक्त छापेमारी
मक्का बीज को पायोनियर कंपनी के रैपर में पैक करने का आरोप, डीएपी खाद के नाम पर संदिग्ध सामग्री भरने की भी जांच
अररिया। जिले में नकली बीज और उर्वरक के अवैध कारोबार की आशंका को लेकर कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर गैयारी गांव में एक गोदाम पर छापेमारी की गई। इस दौरान मक्का बीज की पैकेजिंग और खाद के नाम पर संदिग्ध सामग्री रखे जाने का मामला सामने आया है। फिलहाल विभागीय टीम बरामद सामग्री की जांच कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, गैयारी गांव में झमेली शाह के मकान में धीरज साह कथित तौर पर बीज और खाद का कारोबार चला रहा था। बताया जाता है कि उसकी जीरो माइल में खाद की दुकान भी है। छापेमारी के दौरान गोदाम में सस्ते मक्का बीज को पायोनियर कंपनी के रैपर में पैक किए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा डीएपी खाद के नाम पर संदिग्ध सामग्री को बड़ी कंपनियों के बोरों में भरने की आशंका भी जताई गई है।
छापेमारी की भनक लगते ही गोदाम बंद कर फरार होने का आरोप
बताया जाता है कि कृषि विभाग और पुलिस की टीम जब गोदाम पर छापेमारी करने पहुंची, तो गोदाम का मालिक कथित तौर पर ताला लगाकर वहां से फरार हो गया। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधि की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़कर जांच की गई। टीम ने गोदाम में रखी सामग्री और उसकी पैकेजिंग से संबंधित तथ्यों की पड़ताल शुरू की।
छापेमारी अभियान में जिला कृषि पदाधिकारी पंकज कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी विकास कुमार, पौधा संरक्षण अधिकारी ऋतुराज, कृषि समन्वयक मनीष कुमार सहित कृषि विभाग के अन्य कर्मी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस की टीम भी मौजूद रही।
जांच के बाद स्पष्ट होगी खाद-बीज की वास्तविक स्थिति
जिला कृषि पदाधिकारी पंकज कुमार के अनुसार, गैयारी गांव में अवैध रूप से उर्वरक जमा करने और नकली खाद तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस के सहयोग से छापेमारी की गई है। गोदाम में मिली सामग्री की जांच की जा रही है। बीज की गुणवत्ता, पैकेजिंग और खाद की वास्तविक स्थिति की जांच पूरी होने के बाद ही मामले में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
किसानों को हो सकता है आर्थिक नुकसान
यदि जांच में नकली बीज और खाद के कारोबार की पुष्टि होती है, तो इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। नकली बीज के इस्तेमाल से फसल का अंकुरण और पैदावार प्रभावित हो सकती है। वहीं, घटिया या नकली उर्वरक के इस्तेमाल से