मेरठ के उस खौफनाक कत्ल ने सबको हिला कर रख दिया था, जहां मुस्कान नाम की औरत ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने ही पति सौरभ को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। कत्ल के बाद दोनों ने लाश के टुकड़े किए और उसे एक नीले ड्रम में पैक करके छिपा दिया। इस खौफनाक जुर्म के लिए कोर्ट ने मुस्कान और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है।
लेकिन इस पूरी खौफनाक कहानी में एक मासूम का क्या कसूर? दरअसल, मुस्कान ने जेल की सलाखों के पीछे एक बच्ची को जन्म दिया था। अब उस मासूम की जिंदगी संवारने के लिए मुंबई का फैज़ान अंसारी फरिश्ता बनकर आगे आया है। फांसी की खबर सुनते ही फैज़ान सीधा मेरठ पहुंच गया।
उसने वहां के सरकारी वकील के.के. चौबे से मुलाकात की और बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई। फैज़ान ने पक्का वादा किया है कि वो उस बच्ची के मुस्तकबिल को संवारेगा और उसकी जिंदगी की हर जिम्मेदारी खुद उठाएगा।