
बच्चा मोबाइल देखकर चुप तो हो जाता है, लेकिन क्या उस खामोशी में उसकी सीखने की कुछ जरूरी चीजें छूट रही होती हैं? खासकर दो साल से पहले, स्क्रीन से ज्यादा जरूरी है किसी इंसान की आवाज़, चेहरा और बातचीत।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 1 साल के बच्चों के लिए स्क्रीन देखने का समय नहीं होना चाहिए। 2 साल की उम्र में भी यह समय 1 घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए, और कम हो तो बेहतर है।
कारण सिर्फ मोबाइल नहीं, बल्कि वह समय है जो स्क्रीन दूसरी गतिविधियों से छीन सकती है। बच्चा भाषा सिर्फ आवाजें सुनकर नहीं सीखता। वह चेहरे के भाव देखकर, आवाज का जवाब देकर, इशारों की नकल करके और बार-बार बातचीत से बोलना सीखता है।
शोध में शुरुआती दो वर्षों में ज्यादा स्क्रीन देखने और शब्दावली तथा भाषा समझने की क्षमता में कमजोर परिणामों के बीच संबंध पाया गया है। हालांकि हर अध्ययन के नतीजे एक जैसे नहीं हैं।
इसका मतलब यह नहीं कि मोबाइल देखते ही बच्चा बोलना बंद कर देगा। असली बात यह है कि स्क्रीन बच्चे के खेल, बातचीत और परिवार के साथ बिताए समय की जगह न ले।
स्रोत: विश्व स्वास्थ्य संगठन और शोध अध्ययन
#ChildDevelopment #Parenting #ScreenTime #ChildHealth #EarlyLearning
Bihar, India | Oct 2, 2026