
#एक रविवार–एक गांव, #एक घंटा समाज के नाम’ अभियान का द्वितीय रविवार कल #प्रदेशभर में गांवों तक पहुंचेगा सेवा और जनजागरूकता का संदेश, आमजन से सहभागिता की अपील
#नई टिहरी। #समाज सेवा को जनभागीदारी से जोड़ने और प्रत्येक व्यक्ति को अपने गांव एवं समाज के लिए समय देने के उद्देश्य से शुरू किए गए “एक रविवार–एक गांव, एक घंटा समाज के नाम” अभियान का द्वितीय रविवार 23 अगस्त 2026 को प्रदेशभर में आयोजित किया जाएगा।
#इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों एवं मंडलों में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोग तथा स्थानीय नागरिक अपने-अपने गांवों में पहुंचकर एक घंटे का समय समाज सेवा के लिए समर्पित करेंगे। इस दौरान गांव की स्थानीय आवश्यकताओं और समस्याओं को समझने, जनजागरूकता बढ़ाने, जरूरतमंदों की सहायता करने तथा उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
#अभियान के प्रथम रविवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कई स्थानों पर ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रथम चरण में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद द्वितीय रविवार को अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी की गई है।
सुशील बहुगुणा ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में यदि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में केवल एक घंटा भी समाज के लिए निकालता है, तो सामूहिक रूप से इसका बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के लिए बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं, बल्कि समय देने की इच्छाशक्ति और सेवा की भावना आवश्यक है। उन्होंने आमजन, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिकारी-कर्मचारियों तथा सभी वर्गों से अपील की कि वे अपने-अपने गांव और क्षेत्र में इस अभियान से जुड़ें। उन्होंने कहा कि यह पहल किसी एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर जनभागीदारी का अभियान बने, यही इसका मुख्य उद्देश्य है।
बहुगुणा ने कहा कि प्रत्येक रविवार एक गांव में एक घंटे की गतिविधि के माध्यम से गांव की वास्तविक जरूरतों को समझने और स्थानीय स्तर पर समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। साथ ही सेवा कार्यों की जानकारी, फोटो एवं समाचारों को साझा कर प्रदेशभर में सकारात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “एक रविवार–एक गांव, एक घंटा समाज के नाम” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है। यदि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक सप्ताह में एक घंटा समाज को देता है, तो सेवा, सहयोग और सामाजिक सहभागिता की एक मजबूत श्रृंखला तैयार की जा सकती है।
सुशील बहुगुणा ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि 23 अगस्त को अपने रविवार का एक घंटा समाज के नाम समर्पित करें और इस जनभागीदारी की पहल को गांव-गांव तक पहुंचाने में सहयोग करें।
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