
कांगड़ा: युवा पुलिस अधिकारी इल्मा अफरोज बनीं नूरपुर पुलिस जिला की एस.पी
कांगड़ा/नूरपुर: हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवा और साहसी IPS अधिकारी इल्मा अफरोज को नूरपुर पुलिस जिला का Superintendent of Police (एस.पी.) नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की इस अहम नियुक्ति को सराहा जा रहा है।
इल्मा अफरोज 2018 बैच की हिमाचल कैडर की IPS अधिकारी हैं। वे उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की रहने वाली हैं और एक किसान की बेटी हैं। अपनी मेहनत और सख्ती के लिए जानी जाने वाली इल्मा ने पहले बद्दी में एस.पी. के रूप में काम करते हुए अवैध खनन, नशीले पदार्थों की तस्करी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी।
दून विधायक के साथ टकराव पर देशभर में चर्चा
नूरपुर एस.पी. पद पर नियुक्ति से पहले इल्मा अफरोज बद्दी में तैनात थीं, जहां दून विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक राम कुमार चौधरी के साथ उनका टकराव सुर्खियों में रहा। अवैध रेत खनन और वाहनों पर चालान काटने के मुद्दे को लेकर यह विवाद देश प्रदेश में चर्चित हो गया था।
विधायक राम कुमार ने इस मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) का नोटिस भी दे रखा है। इस घटना ने पूरे हिमाचल में बहस छेड़ दी थी और ईमानदार पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे।
सरकार का फैसला
सुक्खू सरकार ने इल्मा अफरोज को नूरपुर जैसे संवेदनशील जिले का जिम्मा सौंपकर उन्हें फिर से मैदान में उतारा है। नूरपुर पुलिस जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम, अवैध खनन पर अंकुश और आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की उम्मीद है।
इल्मा अफरोज का करियर कई युवाओं खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने “लड़की है, क्या कर लेगी?” जैसे तानों को अपनी मेहनत से झुठलाया और IPS बनकर समाज में नई मिसाल कायम की।
अधिक जानकारी:
इल्मा अफरोज की नियुक्ति पर विपक्षी BJP ने भी प्रतिक्रिया दी है।
हाईकोर्ट में इस मामले से जुड़ी याचिकाएं पहले भी सुनवाई के अधीन रहीं हैं।