
आप सब अपनी राय अवश्य दीजिये,किस विधायक ने बेहतर कार्य किया है।
बस्ती की पांचों विधानसभा का रिपोर्ट कार्ड: 2026 तक उपलब्ध रिकॉर्ड क्या कहते हैं?
2026 तक उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और हाल की स्थानीय रिपोर्टों को आधार बनाकर देखें तो बस्ती की पांचों विधानसभा सीटों पर तस्वीर एक जैसी नहीं है। सरकारी वेबसाइट के अनुसार वर्तमान विधायक हर्रैया से अजय कुमार सिंह (भाजपा), कप्तानगंज से कविन्द्र चौधरी उर्फ अतुल चौधरी (सपा), रुधौली से राजेंद्र प्रसाद चौधरी (सपा), बस्ती सदर से महेंद्र नाथ यादव (सपा) और महादेवा से दूधराम (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) हैं।
महत्वपूर्ण बात: उपलब्ध स्रोतों के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि किसी एक विधायक ने निश्चित रूप से “जनता के साथ सबसे अधिक न्याय” किया। नीचे तुलनात्मक तथ्य दिए जा रहे हैं, ताकि पाठक स्वयं आकलन कर सकें।
1. हर्रैया — अजय कुमार सिंह
2026 की रिपोर्ट में अजय सिंह की जनता के बीच सहज उपलब्धता को उनकी प्रमुख विशेषताओं में बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, धार्मिक स्थलों, दिव्यांग सहायता और बाढ़ बचाव से जुड़े कई काम हुए हैं। 29 सड़कों के चौड़ीकरण और दो स्टेडियम का भी उल्लेख है।
हर्रैया के लिए बड़े प्रस्तावों में मखौड़ाधाम कॉरिडोर तथा तहसील को जिला बनाने जैसी मांगें शामिल हैं, लेकिन इनमें से सभी योजनाएं अभी पूरी तरह धरातल पर नहीं आई हैं। रिपोर्ट में कुछ सड़कों की गुणवत्ता को लेकर आलोचनाएं भी दर्ज हैं।
रिकॉर्ड से तस्वीर: क्षेत्रीय उपलब्धता और अनेक छोटे-बड़े कार्य; लेकिन बड़ी परियोजनाओं और गुणवत्ता से जुड़े सवाल अभी बाकी।
2. कप्तानगंज — कविन्द्र चौधरी उर्फ अतुल
जुलाई 2026 के रिपोर्ट कार्ड के अनुसार विधायक ने विधायक निधि से गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने, सीसी रोड, नाली, स्मृति द्वार आदि के काम कराए। 2023-24 में 44 कार्यों के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये तथा 2025-26 में 58 से अधिक कार्यों का उल्लेख है। माझा मानपुर पुल के एप्रोच मार्ग के निर्माण के लिए उनके पत्राचार को भी रिपोर्ट में दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट में उनकी विधानसभा में 99 प्रतिशत सदन उपस्थिति बताई गई है। वहीं बभनान-हलुआ मार्ग चौड़ीकरण, दुबौला-पचपेड़वा मार्ग और पगार घाट पुल जैसे बड़े कार्य अभी अपेक्षित/प्रस्तावित बताए गए हैं। जनता और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की राय रिपोर्ट में मिश्रित है।
रिकॉर्ड से तस्वीर: सदन में सक्रियता और स्थानीय छोटे-छोटे विकास कार्य; बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट अभी प्रमुख चुनौती।
3. रुधौली — राजेंद्र प्रसाद चौधरी
रुधौली विधायक की खास बात यह सामने आती है कि उन्होंने विधानसभा में आयुष्मान भारत, गन्ना भुगतान, ग्राम पंचायत विकास, मुख्यमंत्री राहत कोष, मानदेय कर्मियों, जर्जर सड़क और सिंचाई जैसे सीधे जनहित के मुद्दे उठाए।
2026 में उन्होंने रुधौली क्षेत्र में रात की अघोषित बिजली कटौती को लेकर निर्बाध आपूर्ति की मांग भी उठाई।
इसी साल रुधौली तहसील में रिश्वत लेते लेखपाल की गिरफ्तारी हुई। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार विधायक ने इससे पहले तहसील में भ्रष्टाचार का मुद्दा विधानसभा में उठाया था।
दूसरी ओर, अगस्त 2026 में सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर छात्रों द्वारा विधायक का काफिला रोककर शिकायत किए जाने की घटना भी सामने आई। विधायक ने मौके से अधिकारियों से बात कर समाधान का आश्वासन दिया।
रिकॉर्ड से तस्वीर: विधानसभा में जनसमस्याएं उठाने का रिकॉर्ड स्पष्ट; लेकिन क्षेत्र की सड़क और जलभराव जैसी समस्याएं बताती हैं कि हर समस्या का समाधान अभी नहीं हुआ है।
4. बस्ती सदर — महेंद्र नाथ यादव
सदर विधायक के 2026 रिपोर्ट कार्ड में सड़क संपर्क और शिक्षा को प्रमुख क्षेत्र बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 13 स्कूलों को सहायता दी गई तथा 2023-24 में विधायक निधि से 52 कार्यों पर करीब 4.98 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 2025-26 में 44 कार्यों का भी उल्लेख है।
सड़क क्षेत्र में हाल के महीनों में उनकी ओर से प्रस्तावित योजनाओं का रिकॉर्ड भी मिलता है। अगस्त 2026 में 10 ग्रामीण मार्गों के लिए 13.01 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी मिली थी। सितंबर में 10 और सड़कों के लिए 12.51 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजे जाने की खबर आई।
जनसमस्या पर हस्तक्षेप का एक उदाहरण मार्च 2026 में घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता और कथित कालाबाजारी की जांच की मांग है।
रिकॉर्ड से तस्वीर: सड़क और शिक्षा क्षेत्र में लगातार प्रस्ताव/कार्य; लेकिन बड़ी परियोजनाओं को लेकर अपेक्षाएं अभी भी बनी हुई हैं।
5. महादेवा — दूधराम
महादेवा के विधायक के 2026 रिपोर्ट कार्ड में 150 से अधिक विकास कार्य पूरे होने और लगभग 50 कार्य निर्माणाधीन होने का उल्लेख है। इनमें इंटरलॉकिंग, आरसीसी सड़कें, 20 से अधिक आंबेडकर पार्क और स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष जैसे काम शामिल बताए गए हैं।
सबसे उल्लेखनीय परियोजनाओं में मनोरमा नदी के तिघरा घाट पर लगभग 18 करोड़ रुपये के पुल का निर्माण शामिल है, जिससे रिपोर्ट के अनुसार करीब 10 गांवों को लाभ मिलना है। विधायक ने कुदरहा को तहसील का दर्जा, फायर स्टेशन, खेल सुविधाओं और सड़कों से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं, लेकिन इनमें से कुछ अभी लंबित हैं।
रिकॉर्ड से तस्वीर: बड़ी संख्या में स्थानीय विकास कार्य और पुल जैसी महत्वपूर्ण परियोजना; लेकिन रोजगार, खेल, फायर स्टेशन और तहसील जैसी बड़ी अपेक्षाएं अभी बाकी।
Basti, Basti | Sep 29, 2026