
एक साथ उठीं चार अर्थियां, बिलख पड़ा पूरा गांव: लकवाग्रस्त पिता बोले- अगर कोई तकलीफ थी तो बता देता बेटा...
पाली जिले के रोहट क्षेत्र के बीठू गांव में बुधवार सुबह ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। गेनाराम, उसकी पत्नी पुष्पा, बेटी खुशबू और बेटे किशन की अर्थियां जब एक साथ घर से निकलीं तो हर आंख नम हो गई। परिवार के लोगों के साथ-साथ पूरे गांव में मातम छा गया।
लकवाग्रस्त पिता जोधाराम अपने बेटे और पोते-पोती के शव देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। मां सीतादेवी बार-बार यही कहती रहीं, *"हे भगवान, कौन-सा गुनाह किया था कि बुढ़ापे में बेटे और पोते-पोतियों की लाशें देखनी पड़ रही हैं। अगर गेनाराम को कोई तकलीफ थी तो एक बार बता देता, ऐसा कदम क्यों उठा लिया?"* परिजन और ग्रामीण उन्हें लगातार संभालने का प्रयास करते रहे।
इसके बाद चारों शवों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में श्मशान घाट ले जाया गया, जहां एक ही चिता पर सभी का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन रहा।
### खेत में मिले थे परिवार के चारों शव
मंगलवार 30 जून को फलौदी जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र में एक खेत से एक ही परिवार के चार लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस के अनुसार बीठू निवासी गेनाराम (35) ने कथित तौर पर अपनी पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13) और बेटे किशन (10) की गला दबाकर हत्या की और बाद में खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। मामले की जांच जारी है।
### चार साल से फतेहगढ़ में करता था मजदूरी
गेनाराम पिछले करीब चार वर्षों से फतेहगढ़ क्षेत्र में खेतों में मजदूरी करता था। पत्नी और दोनों बच्चे भी उसके साथ वहीं रहते थे। मंगलवार सुबह खेत में शव पड़े होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां महिला और दोनों बच्चों के शव जमीन पर मिले, जबकि गेनाराम का शव फंदे से लटका मिला।
### एक दिन पहले कुलदेवी के दर्शन कर लौटा था
मृतक के रिश्तेदार जगदीश कुमार ने बताया कि 29 जून को गेनाराम परिवार सहित अपने गांव बीठू आया था। यहां उसने पत्नी को एक थान (मंदिर) पर दर्शन करवाए और प्रसाद चढ़ाया। शाम करीब साढ़े छह बजे पूरा परिवार वापस फतेहगढ़ लौट गया। अगले ही दिन सुबह चारों के शव खेत में मिले।
### हत्या के तरीके पर परिजनों ने जताई शंका
परिजनों का कहना है कि गेनाराम अकेले पत्नी और दोनों बच्चों की गला दबाकर हत्या नहीं कर सकता। उनका मानना है कि उसने पहले खाने में कोई नशीला या जहरीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश किया होगा, इसके बाद वारदात को अंजाम दिया और स्वयं फंदे पर झूल गया। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
### चार भाइयों और तीन बहनों में था गेनाराम
गेनाराम चार भाइयों और तीन बहनों में था। उसके दो भाई चेनाराम और सीयाराम भी फतेहगढ़ क्षेत्र में मजदूरी करते हैं। बीठू गांव में लकवाग्रस्त पिता जोधाराम, मां सीतादेवी और एक दिव्यांग भाई रहते हैं। मां ही पति और दिव्यांग बेटे की देखभाल करती हैं।
परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पुष्पा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। आशंका है कि इसी कारण गेनाराम मानसिक तनाव में था। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।