Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Coronavirus
किसान
कांग्रेस
मौत
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Up
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Kerala
Rahulgandhi
Chhattisgarh
Uttarpradesh

हिंदी शिक्षण में नवाचार की नई उड़ान : गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल सोलन में दो दिवसीय हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन में 11 एवं 12 जुलाई को दो दिवसीय हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य हिंदी शिक्षण को अधिक प्रभावशाली, रोचक, गतिविधि-आधारित एवं तकनीक-संपन्न बनाना था, जिससे विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि विकसित हो तथा वे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त कर सकें। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के अनुसार ज्ञान-ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सागरिका बक्षी तथा आर्मी पब्लिक स्कूल, चंडीमंदिर (चंडीगढ़) से पधारीं सम्माननीय संसाधन विशेषज्ञाएँ श्रीमती जोशना देवी एवं श्रीमती मिथिलेश आर्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके उपरांत प्रधानाचार्या द्वारा दोनों विदुषी अतिथियों का हरित स्वागत करते हुए पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यशाला के दौरान दोनों संसाधन विशेषज्ञाओं ने हिंदी शिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टूल्स, इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म, गतिविधि-आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम तथा दक्षता-आधारित शिक्षण के प्रभावी प्रयोग पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने अनेक ऐसी रोचक गतिविधियाँ साझा कीं, जिन्हें कक्षा में सहज रूप से अपनाकर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक जीवंत, सहभागितापूर्ण एवं प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यशाला की विशेषता यह रही कि जिला सोलन के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने पूरे उत्साह एवं सक्रियता के साथ प्रत्येक गतिविधि में भाग लिया। समूह चर्चाओं, भाषा-खेलों, प्रस्तुतीकरण, नवाचारी शिक्षण तकनीकों तथा व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों ने न केवल नए शिक्षण कौशल सीखे, बल्कि उन्हें अपनी कक्षाओं में प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रेरणा भी प्राप्त हुई। दोनों संसाधन विशेषज्ञाओं की विषय पर गहरी पकड़, सरल एवं प्रभावशाली प्रस्तुति, सकारात्मक ऊर्जा तथा सहभागितापूर्ण शिक्षण शैली ने सभी प्रतिभागियों को अत्यंत प्रभावित किया। उनकी संवादात्मक शैली और व्यावहारिक दृष्टिकोण ने हिंदी शिक्षण को नई दिशा प्रदान करने का कार्य किया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागी शिक्षकों ने इसे अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं भविष्य के शिक्षण के लिए मार्गदर्शक बताया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सागरिका बक्षी ने कहा— "एक शिक्षक तभी सफल होता है, जब वह स्वयं निरंतर सीखने के लिए तत्पर रहता है। बदलते समय के साथ नई तकनीकों, नवाचारी शिक्षण विधियों और रचनात्मक गतिविधियों को अपनाना आज की आवश्यकता है। मुझे विश्वास है कि इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान और अनुभव हमारे शिक्षक अपनी कक्षाओं में प्रभावी रूप से लागू करेंगे, जिससे विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, अभिव्यक्ति क्षमता और रचनात्मक सोच का विकास होगा। सीखने की यह यात्रा निरंतर चलती रहनी चाहिए।" विद्यालय परिवार ने दोनों सम्माननीय संसाधन विशेषज्ञाओं के प्रति उनके अमूल्य मार्गदर्शन, प्रेरणादायी विचारों तथा उत्कृष्ट प्रशिक्षण के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। अंत में विद्यालय की ओर से गुरुकुल विद्यालय प्रबंधन के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व, सतत सहयोग एवं शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण इस प्रकार की गुणवत्तापूर्ण कार्यशालाओं का सफल आयोजन संभव हो सका। विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों से जोड़ते रहेंगे और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होंगे।