
क्रिकेट के मैदान में तो बल्लेबाज के 16 शतक लगाने पर तालियां बजती हैं, लेकिन सीतापुर की कोतवाली देहात पुलिस ने अपराध की दुनिया में एक ऐसा 'कीर्तिमान' बना दिया है, जिसे देखकर अच्छे-अच्छे रिकॉर्ड धरे के धरे रह जाएं। जनपद के शातिर अपराधी विकुल पासी ने मुकदमों का ऐसा चौतरफा 'शतक' (यानी 16वां मुकदमा) पूरा कर लिया है, जिसे सुनकर कानून के रखवाले भी सोच में पड़ गए होंगे कि इस भाई का रिज्यूमे (Resume) किसी मल्टीनेशनल कंपनी के सीईओ से भी ज्यादा भारी-भरकम है!
रिज्यूमे पर एक नजर (अपराधों का सुनहरा सफर)
विकुल भाई के आपराधिक इतिहास को देखकर ऐसा लगता है कि वे पुलिस थानों के 'स्थায়ী सदस्य' बन चुके हैं। रामकोट से लेकर कोतवाली देहात तक, शायद ही कोई थाना बचा हो जहां इनकी अटेंडेंस न लगती हो:
2016 से शुरुआत: रामकोट थाने में धारा 323/435 से 'एंट्री' मारी।
ग्रेजुएशन (हत्या का मामला): 2017 में धारा 302 जैसी 'भारी-भरकम' क्लास पास की।
हॉबी (आर्म्स एक्ट): बीच-बीच में शौक के तौर पर तमंचे रखने के कई कोर्स (जैसे 2018, 2023, 2025 और 2026 में लगातार) पूरे किए।
लेटेस्ट उपलब्धि: साल 2026 में ही यह इनका तीसरा या चौथा तमंचा वाला पर्चा (मु0अ0सं0 218/2026) है। लगता है भाई साहब का नया साल सिर्फ तमंचों की खरीदारी के साथ ही शुरू होता है!
पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार, हमारे हीरो विकुल पासी जी को एक अदद देशी तमंचा (315 बोर) और एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया।
सोचने वाली बात यह है कि जब सरकार 'मेक इन इंडिया' और रोजगार मेलों पर इतना जोर दे रही है, तो क्या सीतापुर के इन कुटीर उद्योगों (देशी तमंचा संस्कृति) को अब तक सरकारी स्टार्टअप का दर्जा क्यों नहीं मिला? भाई साहब ने 2016 से लेकर 2026 तक यानी पूरे 10 साल में कुल 16 आपराधिक 'डिग्रियां' हासिल कर ली हैं—जिनमें हत्या के प्रयास से लेकर आर्म्स एक्ट के तमाम सुंदर कोर्स शामिल हैं।
इस महान उपलब्धि को अंजाम तक पहुँचाने वाली थाना कोतवाली देहात की पुलिस टीम—उ0नि0 राजेन्द्र यादव, का0 आशुल, का0 मोहित मिश्रा और का0 नवीन कुमार—को भी दाद देनी पड़ेगी। जब-जब विकुल भाई ने नया तमंचा पकड़ा, पुलिस ने भी फौरन नया मुकदमा दर्ज कर उनके 'कलेक्शन' को पूरा करने में पूरा सहयोग दिया।
खैर, अब विकुल पासी जी सलाखों के पीछे हैं और उनके चाहने वाले (यानी पुलिस महकमा) इस बात की राहत की सांस ले रहे हैं कि कम से कम 16वें मुकदमे के साथ उनका यह सेशन तो फिलहाल समाप्त हुआ।
क्या विकुल पासी आने वाले दिनों में मुकदमों का अर्ध-शतक (50 मुकदमे) पूरा कर पाएंगे? जानने के लिए जुड़े रहिए सीतापुर पुलिस के अगले प्रेस नोट के साथ!
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