जेएसएससी सीजीएल मामले में पूरी परीक्षा रद्द किये जाने के बाद अब 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच' ने राज्य सरकार पर सेग्रिगेशन यानी 'पृथक्करण' का आरोप लगाया है। झारखंड हाईकोर्ट में 15 सितंबर को परीक्षाओ को रद्द किये जाने के मामले की अगली सुनवाई होनी है। मंच के प्रवक्ता रविंद्र पासवान ने सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार सेग्रिगेशन के चक्कर में ना रहे और परीक्षाओ को रद्द करने के अपने फैसले को मजबूती से न्यायलय के समक्ष रखे। रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार भूल गयी है कि आंदोलन स्थगित हुआ है, खत्म नहीं हुआ है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले 1200 अभ्यर्थियों तक सवाल-जवाब पहुंचाए गए थे, तो कुछ कॉपियों को अलग करके पूरी परीक्षा को पाक-साफ कैसे बताया जा सकता है? जब पूरी परीक्षा की पवित्रता पर गंभीर सवाल हो, तो कुछ कॉपियों को अलग करके बाकी को ईमानदार बताना संभव नहीं है। अगर राज्य सरकार ने 15 सितंबर को अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा तो पूर्व के आंदोलन से भी बड़ा और व्यापक जन आंदोलन होगा।
Kanke, Ranchi | Sep 13, 2026