लाल सागर में हूती विद्रोहियों की बढ़ती ताकत ने अब सऊदी अरब को सीधे सैन्य कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। सऊदी समर्थित यमनी सेना ने हूतियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। इसी बीच पाकिस्तान और तुर्किये भी सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए अपने सैन्य बल तैनात करने की तैयारी में हैं।
सोमवार को रियाद में मक्का रक्षा समझौते की इमरजेंसी मीटिंग हुई। इसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने सामूहिक रक्षा व्यवस्था को सक्रिय करने और सऊदी अरब में सैन्य बलों की तेजी से तैनाती पर सहमति जताई।
इससे पहले भी सऊदी ने पाकिस्तान से सैन्य मदद मांगी थी। हालांकि, पाकिस्तान ने सितंबर में मदद देने से इनकार कर दिया था। यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने तब कहा था कि उसकी सेना किसी दूसरे देश की जमीन पर युद्ध में शामिल नहीं होगी।
Vasai, Palghar | Oct 6, 2026