
*बड़ा खुलासा: भिण्ड जिला अस्पताल में साफ-सफाई के नाम पर प्रकाश सिक्योरिटी सर्विस फर्म द्वारा लाखों रुपये के बड़े भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है।*
*कागजी कर्मचारी: कंपनी आधा सैकड़ा (50) कर्मचारियों के नाम पर हर महीने 6 से 8 लाख का भुगतान ले रही है, जबकि धरातल पर महज 10 से 12 कर्मचारी ही तैनात हैं।*
*लाखों की चपत: फर्जी कर्मचारियों के दम पर प्रकाश सिक्योरिटी सर्विस अस्पताल प्रबंधन की नाक के नीचे हर महीने 4 से 5 लाख रुपये का सीधा भ्रष्टाचार कर रही है।*
*बदहाल व्यवस्था: अस्पताल की नाकामी के चलते वार्डों की दीवारें और फर्श पीकदान में तब्दील हो चुके हैं, और सफाई व्यवस्था सिर्फ झाड़ू-पोछे तक सिमट गई है।*
*सामग्री में घोटाला: साफ-सफाई के लिए आने वाले हार्पिक, तेजाब, फिनायल और रूम फ्रेशनर जैसे जरूरी सामानों की खरीदी में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।*
*रैंकिंग में गिरावट: जो भिण्ड जिला अस्पताल पूर्व में वर्षों तक 'कायाकल्प' अवार्ड में नंबर वन रहता था, आज इस कंपनी की लापरवाही से गंदगी में नंबर वन पायदान पर पहुंच गया है।*
*कार्रवाई की मांग: अस्पताल की दुर्दशा को देखते हुए प्रकाश सिक्योरिटी सर्विस का टेंडर तुरंत निरस्त करने और कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग तेज हो गई है।*
*प्रबंधन पर सवाल: इतना बड़ा घोटाला सामने आने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा अब तक दोषी फर्म के खिलाफ कोई कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।*
*जनता में आक्रोश: कंपनी को मिल रहे शह और जनता के पैसों की सरेआम लूट को लेकर स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों में भारी आक्रोश है।*
*बड़ा सवाल: आखिर अस्पताल को गंदगी के दलदल में धकेलने वाली इस भ्रष्ट प्रकाश सिक्योरिटी सर्विस फर्म पर कब दर्ज होगी एफआईआर?*