
चिन्मय अमृत यात्रा: विद्यार्थियों को आत्मविकास, अनुशासन और भारतीय संस्कृति का संदेश
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बोकारो। चिन्मय अमृत यात्रा के दूसरे दिन गुरुवार को बोकारो के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों और युवाओं को आत्मविकास, अनुशासन, सकारात्मक सोच तथा भारतीय संस्कृति के महत्व का संदेश दिया गया। चिन्मय अमृत वाहिनी ने चिन्मय विद्यालय, डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-6, श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल, बोकारो सिटी कॉलेज और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सेक्टर-3 में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए। ब्रह्मचारी सुधीर चैतन्य और तारिणी चैतन्य ने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को सरल भाषा में समझाते हुए आत्मविश्वास, सही सोच और निरंतर प्रयास को सफलता की कुंजी बताया। युवा वीरों ने चिन्मय मिशन से जुड़ने के अपने अनुभव साझा करते हुए समाज सेवा और व्यक्तित्व विकास की प्रेरणा दी।
शाम को चिन्मय विद्यालय के ऑडिटोरियम में भजन, कथक नृत्य, गणपति वंदना तथा चिन्मय मिशन के 75 वर्षों की यात्रा पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छोटानागपुर आईजी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और सामाजिक ज्ञान भी आवश्यक है। उन्होंने भारतीय संस्कृति पर गर्व करने और उसके मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में स्वामिनी संयुक्तानंदा सरस्वती, अध्यक्ष बिस्वरूप मुखोपाध्याय, प्राचार्य सूरज शर्मा सहित विभिन्न विद्यालयों के निदेशक, प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
Chas, Bokaro | Jul 4, 2026