
'सेवा और आशीर्वाद अभियान' का विस्तार
==
प्रशासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को 'एक ही छत के नीचे' सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है- कलेक्टर श्री यादव
==
258 दिव्यांगजनों को मिलेंगे सहायक उपकरण, शिविर में ही शुरू होगी पेंशन
==
20 से 27 जुलाई तक विकासखंड स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर,
==
मेडिकल परीक्षण, प्रमाण-पत्र, सहायक उपकरण और पेंशन की सुविधा मिलेगी एक ही स्थान पर
===
जिले में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशन में संचालित 'सेवा और आशीर्वाद अभियान' के तहत अब दिव्यांगजनों को लाभान्वित करने की विशेष पहल शुरू की गई है। अभियान के पहले चरण में पात्र होने के बावजूद लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित 1,568 वृद्धजनों के घर-घर जाकर अधिकारियों द्वारा ई-केवाईसी (e-KYC) कर उनकी पेंशन प्रारंभ कराई गई थी।
अब अभियान के अगले चरण में जिले के 258 चिन्हित दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं पेंशन का लाभ दिलाने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए 20 से 27 जुलाई तक प्रत्येक विकासखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों का संचालन एलिम्को (ALIMCO), जबलपुर के सहयोग से किया जाएगा, जहां दिव्यांगजनों का परीक्षण कर उनकी आवश्यकता अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिव तथा नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी दिव्यांगजनों को शिविर तक लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। शिविर में मेडिकल बोर्ड दमोह द्वारा दिव्यांगजनों का चिकित्सकीय परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
उन्होंने कहा जिले में लगभग 250 दिव्यांगजन अभी भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित हैं। ऐसे पात्र हितग्राहियों की पेंशन स्वीकृति की कार्रवाई भी शिविर स्थल पर ही पूर्ण कराई जाएगी, ताकि उन्हें विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा प्रशासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को 'एक ही छत के नीचे' सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। शिविरों के माध्यम से सहायक उपकरण, चिकित्सकीय परीक्षण, प्रमाण-पत्र एवं पेंशन स्वीकृति जैसी सभी सेवाएं एक साथ उपलब्ध कराकर उनके जीवन को अधिक सुगम और सम्मानजनक बनाया जाएगा।