
फर्जी ब्रिगेडियर बनकर सैन्य क्षेत्र में घूम रहा युवक हिरासत में शहीद संग्रहालय में सेना की वर्दी पहनकर पहुंचा था, पूछताछ में नहीं दे सका संतोषजनक जवाब
शाहजहांपुर शहर के संवेदनशील सैन्य क्षेत्र में सेना की वर्दी पहनकर स्वयं को ब्रिगेडियर बताने वाले एक युवक को सैन्य अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उससे पूछताछ की गई, जिसमें वह अपनी पहचान और पद के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद उसे जांच के लिए रोक लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सैन्य इंटेलिजेंस समेत अन्य खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। जानकारी के अनुसार युवक शहीद संग्रहालय परिसर में सेना की वर्दी पहनकर घूम रहा था। उसके कंधों पर लगे स्टार और खुद को वरिष्ठ सैन्य अधिकारी बताने के दावे पर वहां मौजूद सैन्य अधिकारियों को संदेह हुआ। अधिकारियों ने उससे परिचय और तैनाती संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन उसके जवाबों में कई विसंगतियां सामने आईं। पूछताछ में युवक की पहचान आर्यन वर्मा पुत्र अनिल कुमार वर्मा निवासी दुर्गा इंक्लेव, हथौड़ा बुजुर्ग के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में उसके सेना से जुड़े होने या ब्रिगेडियर पद पर तैनात होने की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई।
जिस इलाके में युवक पकड़ा गया, वह सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां छावनी परिषद, सैन्य अधिकारियों के आवास, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सरकारी आवास स्थित हैं। ऐसे में सेना की वर्दी पहनकर किसी व्यक्ति का संदिग्ध रूप से घूमना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। सूत्रों के मुताबिक मामले की सूचना बरेली स्थित सैन्य इंटेलिजेंस अधिकारियों को भी दे दी गई है। युवक के संपर्कों, गतिविधियों और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने वर्दी पहनकर सैन्य क्षेत्र में प्रवेश क्यों किया और उसके पीछे कोई विशेष उद्देश्य तो नहीं था। फिलहाल सेना और प्रशासन के अधिकारी जांच पूरी होने तक कोई आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही मामले की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सेना की वर्दी पहनकर स्वयं को उच्च अधिकारी बताना गंभीर मामला है। इसकी जांच केवल धोखाधड़ी के पहलू से नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी दृष्टिकोण से भी की जानी चाहिए। वहीं लोगों से भी किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित एजेंसी को देने की अपील की गई है।
मामले की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Hardoi, Hardoi | Jun 12, 2026