
**'निजी स्वार्थ में 6 दिन में सीमांकन, पर सरकारी स्कूल और PWD की जमीन पर 2 साल से मौन! भ्रष्ट पूर्व पटवारी अनुज वर्मा का घिनौना खेल और नायब तहसीलदार का महीनवारी का चक्कर— मुख्यमंत्री मोहन यादव सिर्फ दीये जलाकर विकास का ढोंग न करें; संपादक दीपक कुमार गुप्ता की रिपोर्ट'**
**मऊगंज/सीतापुर।** मऊगंज जिले के सीतापुर राजस्व वृत्त में भ्रष्टाचार, दलाली और अफसरों की सांठ-गांठ का एक ऐसा नंगा नाच चल रहा है, जिसने पूरे राजस्व महकमे की साख को बट्टे में डाल दिया है। इंडिया हेडलाइन 24 ने पिछले दिनों ही प्रमुखता से खबर चलाकर इस बात का बेबाक खुलासा किया था कि अटरिया हल्के का भ्रष्ट पूर्व पटवारी अनुज वर्मा बिना किसी लिखित आदेश या अनुमति के सीतापुर हल्के में सीमांकन कराने और दलाली चमकाने कैसे पहुँच गया था। अब इस पूरे फर्जीवाड़े की जो सच्चाई सामने आई है, वह और भी चौंकाने वाली और आक्रोशित करने वाली है। सीतापुर क्षेत्र में न्याय और कानून के तराजू का दोहरा रवैया देखिए! निजी लाभ और कथित 'लेनदेन' के चक्कर में एक निजी भूमि का सीमांकन महज **छह दिनों के अंदर** आनन-फानन में निपटा दिया गया। लेकिन दूसरी तरफ, शासकीय प्राथमिक स्कूल और लोक निर्माण विभाग (PWD) की बेशकीमती सरकारी जमीनों से जुड़े मामले पिछले **दो सालों से** सीतापुर वृत्त के नायब तहसीलदार की अदालत में धूल फांक रहे हैं! सवाल यह उठता है कि जिस राजस्व कोर्ट को सरकारी संपत्ति की रक्षा करनी चाहिए, वह सरकारी स्कूल और पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अवैध कब्जे के मामलों को 2 साल से क्यों लटका कर बैठी है? क्या यह सिर्फ और सिर्फ भू-माफियाओं से मिलने वाली 'महीनवारी' (मासिक रिश्वत) का चक्कर है? इस पूरे खेल का सबसे बड़ा मोहरा और मास्टरमाइंड रहा है पूर्व पटवारी अनुज वर्मा। अनुज वर्मा मऊगंज जिले का सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी कर्मचारी साबित हो चुका है, जिसकी शिकायतें जिला प्रशासन से लेकर भोपाल तक दर्ज हैं। अगर निष्पक्षता से इसके कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इसी अनुज वर्मा और नायब तहसीलदार की सांठ-गांठ का ही नतीजा है कि सरकारी संपत्तियों पर खुलेआम अतिक्रमणकारियों ने पंजे गाड़ रखे हैं और प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके नेता दीये जलाकर जनसेवा और विकास का ढोंग रच रहे हैं। इंडिया हेडलाइन 24 के संपादक दीपक कुमार गुप्ता सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल पूछते हैं कि— *"कलेक्टर दफ्तरों में बैठकर महज दीये जला देने से विकास साबित नहीं हो जाता! असली विकास तब होगा जब आपकी नाक के नीचे सीतापुर में भू-माफियाओं के कब्जे से सरकारी स्कूल और पीडब्ल्यूडी की जमीन आजाद कराई जाएगी।"* यदि मुख्यमंत्री जी में थोड़ी सी भी संवेदनशीलता और राजनीतिक इच्छाशक्ति बची है, तो वे तुरंत सीतापुर के इन लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा कराएं। इंडिया हेडलाइन 24 के संपादक दीपक कुमार गुप्ता मऊगंज जिला प्रशासन, नायब तहसीलदार और प्रदेश सरकार को यह अंतिम चेतावनी देते हैं कि सीतापुर में सरकारी जमीनों (स्कूल व PWD) पर जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, उन्हें तत्काल बुलडोजर चलाकर खाली कराया जाए। अगर सरकारी जमीनों को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त नहीं कराया गया और भ्रष्ट अधिकारियों व पूर्व पटवारी अनुज वर्मा पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका जो भी उग्र अंजाम होगा, उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और मऊगंज जिले के आला अधिकारियों की होगी! जब तक सरकारी संपत्तियों के लुटेरों और घूसखोर अफसरों का नकाब नहीं उतर जाता, तब तक संपादक दीपक कुमार गुप्ता की बेबाक और कड़वी कलम बिना डरे, बिना झुके और बिना बिके लगातार प्रहार करती रहेगी!
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Mauganj, Rewa | Sep 18, 2026