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सीएम विंडो को मिलेगी नई रफ्तार, जवाबदेही होगी तय, जिला स्तर पर ही होगा अधिकतर शिकायतों का समाधान मुख्यमंत्री की मंशा: हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निपटारा राष्ट्रीय कदम ( शिव शर्मा) हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता भोपाल सिंह खदरी को मुख्यमंत्री शिकायत निवारण सलाहकार नियुक्त किया है। हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता भोपाल सिंह खदरी को मुख्यमंत्री शिकायत निवारण सलाहकार नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्पष्ट मंशा है कि प्रदेश के नागरिकों की शिकायतों का समाधान तय समय सीमा में हो, व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। सरकार का उद्देश्य है कि मुख्यमंत्री विंडो एक बार फिर सुशासन और जनविश्वास का मजबूत माध्यम बने। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायत निवारण व्यवस्था को पूरी सक्रियता के साथ पुनर्गठित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिला स्तर पर ही सुलझेंगी अधिकतर शिकायतें भोपाल सिंह खदरी का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता पूरे प्रदेश का दौरा कर शिकायत निवारण व्यवस्था का आकलन करना है। जिला प्रशासन, एसडीएम, उपायुक्तों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से संवाद स्थापित कर ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक शिकायतों का समाधान जिला स्तर पर ही हो जाए। उनका मानना है कि यदि स्थानीय प्रशासन समय पर कार्रवाई करे तो अधिकांश मामलों को मुख्यमंत्री कार्यालय तक भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे न केवल आम नागरिकों को त्वरित राहत मिलेगी बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय पर भी अनावश्यक दबाव कम होगा। सीएम विंडो की कार्यप्रणाली होगी और अधिक गतिशील भोपाल सिंह खदरी के अनुसार मुख्यमंत्री विंडो की पूरी डिजिटल व्यवस्था पहले से मौजूद है। अब इसका और अधिक प्रभावी उपयोग करते हुए शिकायतों की लगातार निगरानी की जाएगी। प्रत्येक शिकायत का पंजीकरण, उसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग तथा शिकायतकर्ता को मोबाइल के माध्यम से कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था पहले की तरह सक्रिय रहेगी। इसके साथ ही अधिकारियों से निर्धारित समय में फीडबैक लेना अनिवार्य बनाया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई हो रही है। इससे जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों मजबूत होंगी। समयबद्ध समाधान पर रहेगा सबसे अधिक जोर मुख्यमंत्री शिकायत निवारण सलाहकार का कहना है कि शिकायतों के निपटारे में समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यदि किसी शिकायत का समाधान हो जाता है तो इसकी सूचना शिकायतकर्ता को तत्काल दी जाएगी। वहीं यदि किसी कानूनी, तकनीकी या प्रशासनिक कारण से समाधान में समय लगेगा तो उसकी स्पष्ट जानकारी भी शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाएगी। उनके अनुसार शिकायतकर्ता को अनिश्चितता में रखने की बजाय संवाद और पारदर्शिता के आधार पर पूरी प्रक्रिया संचालित की जाएगी। पुलिस, बिजली और राजस्व विभागों पर रहेगा विशेष फोकस सरकार की योजना उन विभागों पर विशेष निगरानी रखने की है, जहां सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त होती हैं। इनमें पुलिस, बिजली, राजस्व तथा जनसंपर्क से जुड़े अन्य विभाग प्रमुख हैं। भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें होंगी। उन्हें मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं से अवगत कराया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री की सहज उपलब्धता से बढ़ा जनविश्वास भोपाल सिंह खदरी का मानना है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सहजता और जनता के प्रति संवेदनशीलता है। मुख्यमंत्री लगातार लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याएं स्वयं सुनते हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में नागरिक सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। उनके अनुसार शिकायतों की अधिक संख्या किसी व्यवस्था की कमजोरी नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि लोगों को मुख्यमंत्री पर भरोसा है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उन शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। सुशासन का प्रभावी मॉडल बनाने की तैयारी भोपाल सिंह खदरी का कहना है कि मुख्यमंत्री विंडो पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की दूरदर्शी सोच का परिणाम रही है, जिसकी कार्यप्रणाली को अन्य राज्यों ने भी अपनाया। अब प्रयास यह है कि इस व्यवस्था को नई ऊर्जा, बेहतर निगरानी और मजबूत जवाबदेही के साथ फिर से उसी प्रभावशीलता तक पहुंचाया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि पारदर्शी व्यवस्था, त्वरित कार्रवाई और अधिकारियों की जवाबदेही के माध्यम से मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रणाली जनता का भरोसा और अधिक मजबूत करेगी तथा हरियाणा में सुशासन की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित होगी

Jagadhri, Yamuna Nagar | Jul 16, 2026

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सीएम विंडो को मिलेगी नई रफ्तार, जवाबदेही होगी तय, जिला स्तर पर ही होगा अधिकतर शिकायतों का समाधान मुख्यमंत्री की मंशा: हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निपटारा राष्ट्रीय कदम ( शिव शर्मा) हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता भोपाल सिंह खदरी को मुख्यमंत्री शिकायत निवारण सलाहकार नियुक्त किया है। हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता भोपाल सिंह खदरी को मुख्यमंत्री शिकायत निवारण सलाहकार नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्पष्ट मंशा है कि प्रदेश के नागरिकों की शिकायतों का समाधान तय समय सीमा में हो, व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। सरकार का उद्देश्य है कि मुख्यमंत्री विंडो एक बार फिर सुशासन और जनविश्वास का मजबूत माध्यम बने। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायत निवारण व्यवस्था को पूरी सक्रियता के साथ पुनर्गठित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिला स्तर पर ही सुलझेंगी अधिकतर शिकायतें भोपाल सिंह खदरी का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता पूरे प्रदेश का दौरा कर शिकायत निवारण व्यवस्था का आकलन करना है। जिला प्रशासन, एसडीएम, उपायुक्तों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से संवाद स्थापित कर ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक शिकायतों का समाधान जिला स्तर पर ही हो जाए। उनका मानना है कि यदि स्थानीय प्रशासन समय पर कार्रवाई करे तो अधिकांश मामलों को मुख्यमंत्री कार्यालय तक भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे न केवल आम नागरिकों को त्वरित राहत मिलेगी बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय पर भी अनावश्यक दबाव कम होगा। सीएम विंडो की कार्यप्रणाली होगी और अधिक गतिशील भोपाल सिंह खदरी के अनुसार मुख्यमंत्री विंडो की पूरी डिजिटल व्यवस्था पहले से मौजूद है। अब इसका और अधिक प्रभावी उपयोग करते हुए शिकायतों की लगातार निगरानी की जाएगी। प्रत्येक शिकायत का पंजीकरण, उसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग तथा शिकायतकर्ता को मोबाइल के माध्यम से कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था पहले की तरह सक्रिय रहेगी। इसके साथ ही अधिकारियों से निर्धारित समय में फीडबैक लेना अनिवार्य बनाया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई हो रही है। इससे जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों मजबूत होंगी। समयबद्ध समाधान पर रहेगा सबसे अधिक जोर मुख्यमंत्री शिकायत निवारण सलाहकार का कहना है कि शिकायतों के निपटारे में समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यदि किसी शिकायत का समाधान हो जाता है तो इसकी सूचना शिकायतकर्ता को तत्काल दी जाएगी। वहीं यदि किसी कानूनी, तकनीकी या प्रशासनिक कारण से समाधान में समय लगेगा तो उसकी स्पष्ट जानकारी भी शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाएगी। उनके अनुसार शिकायतकर्ता को अनिश्चितता में रखने की बजाय संवाद और पारदर्शिता के आधार पर पूरी प्रक्रिया संचालित की जाएगी। पुलिस, बिजली और राजस्व विभागों पर रहेगा विशेष फोकस सरकार की योजना उन विभागों पर विशेष निगरानी रखने की है, जहां सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त होती हैं। इनमें पुलिस, बिजली, राजस्व तथा जनसंपर्क से जुड़े अन्य विभाग प्रमुख हैं। भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें होंगी। उन्हें मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं से अवगत कराया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री की सहज उपलब्धता से बढ़ा जनविश्वास भोपाल सिंह खदरी का मानना है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सहजता और जनता के प्रति संवेदनशीलता है। मुख्यमंत्री लगातार लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याएं स्वयं सुनते हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में नागरिक सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। उनके अनुसार शिकायतों की अधिक संख्या किसी व्यवस्था की कमजोरी नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि लोगों को मुख्यमंत्री पर भरोसा है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उन शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। सुशासन का प्रभावी मॉडल बनाने की तैयारी भोपाल सिंह खदरी का कहना है कि मुख्यमंत्री विंडो पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की दूरदर्शी सोच का परिणाम रही है, जिसकी कार्यप्रणाली को अन्य राज्यों ने भी अपनाया। अब प्रयास यह है कि इस व्यवस्था को नई ऊर्जा, बेहतर निगरानी और मजबूत जवाबदेही के साथ फिर से उसी प्रभावशीलता तक पहुंचाया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि पारदर्शी व्यवस्था, त्वरित कार्रवाई और अधिकारियों की जवाबदेही के माध्यम से मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रणाली जनता का भरोसा और अधिक मजबूत करेगी तथा हरियाणा में सुशासन की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित होगी - Jagadhri News