भारत की विविधता को एक सूत्र में पिरोती है हिंदी : रंजन शर्मा
आज हमारी पहचान हिंदी भाषा से सिर्फ देश में नहीं विदेश में भी हो रही है हिंदी को हमारी राजभाषा का दर्जा दिया गया है हिंदी की सबसे बड़ी ताकत और सुंदरता यही रही है कि यह कभी संकीर्ण नहीं रही। इसने समय-समय पर दूसरी भाषाओं और बोलियों के शब्दों को बड़ी आत्मीयता से अपने भीतर समाहित किया है। यही वजह है कि आज हिंदी केवल साहित्य की भाषा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के दैनिक जीवन, व्यापार और विचारों के आदान-प्रदान का सबसे सशक्त माध्यम बनी हुई है।
भारत अपनी भाषाई विविधता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में अनेक भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं, जो देश की सांस्कृतिक पहचान को और भी समृद्ध बनाती हैं। इन्हीं भाषाओं में हिंदी का विशेष स्थान है। हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कृति, भावनाओं और सामाजिक जुड़ाव की एक महत्वपूर्ण भाषा भी है
Ambala, Ambala | Sep 14, 2026