चार्जिंग के दौरान ई-स्कूटी की बैटरी में धमाके से कल नोएडा में दो लोगों की दर्दनाक मौत बेहद दुखद और चिंताजनक है।
आख़िर कब तक ऐसी घटनाएँ होती रहेंगी?
सरकार और संबंधित एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बाजार में बिकने वाली ई-वाहनों की बैटरियाँ उच्च सुरक्षा मानकों पर खरी उतरें। साथ ही बैटरी बनाने वाली कंपनियों की गुणवत्ता, परीक्षण और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच होनी चाहिए। यदि किसी कंपनी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इसके साथ ही उपभोक्ताओं को भी केवल प्रमाणित चार्जर का उपयोग करना चाहिए, बैटरी में स्थानीय स्तर पर छेड़छाड़ या अनधिकृत मरम्मत से बचना चाहिए और चार्जिंग के दौरान आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन करना चाहिए।
तकनीक लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए होती है, उनकी जान जोखिम में डालने के लिए नहीं। हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आपकी क्या राय है? क्या ई-वाहनों की बैटरियों की सुरक्षा जांच और नियमों को और सख्त किया जाना चाहिए?
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Banda, Banda | Jul 16, 2026