
*ज्ञान मंदिर कुरुक्षेत्र में 29 अगस्त को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे का आगमन*
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निर्माणाधीन ज्ञान मंदिर एवं चैरिटेबल हॉस्पिटल की प्रगति का करेंगे अवलोकन, ट्रस्ट की आगामी गतिविधियों को देंगे मार्गदर्शन
कुरुक्षेत्र 22अगस्त (सोनिका वधवा)
श्री ब्रह्मपुरी अन्नक्षेत्र आश्रम ट्रस्ट के तत्वावधान में त्याग मूर्ति स्वामी चिरंजीपुरी महाराज जी के निर्देशन में कुरुक्षेत्र में श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों पर आधारित भव्य ज्ञान मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और शीघ्र ही इसे श्रद्धालुओं के लिए लोकार्पित करने की दिशा में तैयारियां की जा रही हैं।
संस्था के चेयरमैन डॉक्टर सुशील गुप्ता ने बताया कि ज्ञान मंदिर की विशेष आकर्षण का केंद्र भगवान विष्णु का विराट स्वरूप होगा, जिसका निर्माण देश के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार श्री अरुण योगीराज जी के पवित्र हाथों से किया जा रहा है। विराट स्वरूप के ज्ञान मंदिर परिसर में स्थापित होते ही मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन एवं आध्यात्मिक अनुभूति के लिए समर्पित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। यह समस्त श्रद्धालु समाज के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है।
ट्रस्ट द्वारा आध्यात्मिक सेवा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा को भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है। इसी संकल्प के अंतर्गत एक आधुनिक चैरिटेबल हॉस्पिटल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जिसका तकनीकी कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इस अस्पताल का उद्देश्य आमजन को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। अस्पताल के लोकार्पण कार्यक्रम को सितंबर माह में आयोजित किए जाने की योजना है, जिसमें देश की महान विभूतियों को आमंत्रित किया जाएगा।
त्याग मूर्ति स्वामी चिरंजीवी पुरी महाराज जी ने बताया कि बागेश्वर धाम के पूजनीय धीरेंद्र शास्त्री की कथा भी बहुत जल्द ही ज्ञान मंदिर के प्रांगण में आयोजित की जाएगी
इसी क्रम में शनिवार, 29 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री माननीय श्री मिलिंद परांडे जी ज्ञान मंदिर परिसर में पधारेंगे। श्री परांडे जी ज्ञान मंदिर एवं ट्रस्ट द्वारा संचालित विभिन्न सेवा गतिविधियों का अवलोकन करेंगे तथा ट्रस्ट की आगामी योजनाओं एवं गतिविधियों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर वे उपस्थित ट्रस्ट पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं को अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से संबोधित भी करेंगे।
ट्रस्ट परिवार ने मिलिंद परांडे के आगमन को आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा के इस महत्त्वपूर्ण अभियान के लिए प्रेरणादायी अवसर बताते हुए कहा कि ज्ञान मंदिर केवल एक भव्य धार्मिक निर्माण नहीं, बल्कि श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान, संस्कार, सेवा और मानव कल्याण के संकल्प का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।