
नकली सोने की अंगूठी देकर 15 हजार की ठगी, दोबारा वारदात करने पहुंचे टप्पेबाज ग्रामीणों के हत्थे चढ़े
शिवली पुलिस ने दो शातिर टप्पेबाजों को गिरफ्तार कर भेजा जेल, 10 हजार रुपये नकद और नकली अंगूठी बरामद
कानपुर देहात। अपराध और धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शिवली पुलिस ने नकली सोने की अंगूठी देकर लोगों को ठगने वाले दो शातिर टप्पेबाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भैंस खरीदने के लिए रुपये कम पड़ने का झांसा देकर एक ग्रामीण से 15 हजार रुपये ठग लिए थे। खास बात यह रही कि पहली वारदात के महज दो दिन बाद आरोपी दोबारा उसी व्यक्ति को ठगने पहुंच गए, लेकिन इस बार उनकी चाल काम नहीं आई और ग्रामीणों ने दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार, बैरी सवाई निवासी हनीफ मोहम्मद से 18 अगस्त को दो व्यक्तियों ने संपर्क किया। आरोपियों ने भैंस खरीदने के लिए रुपये कम पड़ने की बात कहते हुए अपनी मजबूरी बताई। इसके बाद उन्होंने असली सोने की अंगूठी बताकर पीड़ित को नकली अंगूठी थमा दी और बदले में 15 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
आरोपियों को लगा कि पहली बार की ठगी आसानी से सफल हो गई है, इसलिए वे 20 अगस्त की शाम दोबारा उसी व्यक्ति को अपना शिकार बनाने पहुंच गए। हालांकि इस बार पीड़ित सतर्क था। ग्रामीणों की मदद से दोनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया और शिवली पुलिस को सूचना देकर उनके सुपुर्द कर दिया गया।
पीड़ित की तहरीर पर थाना शिवली में मुकदमा अपराध संख्या 290/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली तो उनके कब्जे से 10 हजार रुपये नकद और पीली धातु से बनी नकली सोने जैसी अंगूठी बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेमशंकर (50) निवासी ग्राम गुलजारी पुरवा, थाना शिवली, कानपुर देहात और योगेन्द्र तिवारी (31) निवासी बिधूना, जनपद औरैया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक योगेन्द्र तिवारी के खिलाफ औरैया जनपद के बिधूना और फफूंद थानों में जालसाजी, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट समेत कई मामले पहले से दर्ज हैं।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अमरेन्द्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक योगेन्द्र कुमार शर्मा और आरक्षी धीरेन्द्र सिंह की भूमिका रही। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व में की गई ठगी की घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।