
पट्टी कोतवाली में युवक की मौत पर मोती सिंह ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बोले- निश्चित रूप से पुलिस ने की हत्या, एफआईआर में पीड़ित परिवार को शामिल करना दूसरा अपराध; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का दिया हवाला
प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली परिसर में युवक की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर परिजनों के आरोप, प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई और अब पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व विधायक राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह के बयान के बाद मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल और गहरा गए हैं।
मोती सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पट्टी पुलिस पर सीधे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि “निश्चित रूप से पट्टी पुलिस ने हत्या की है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित दुबे परिवार को एफआईआर में शामिल करना पट्टी पुलिस द्वारा किया गया दूसरा अपराध है। साथ ही एफआईआर पर हस्ताक्षर करने वाले थाना प्रभारी को मुख्य आरोपी बताते हुए चौकी प्रभारी कमलेश यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। पूर्व मंत्री ने अपने बयान में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उसमें मृत्यु के बाद युवक को फंदे पर लटकाए जाने की बात अंकित है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इस कथित निष्कर्ष की आधिकारिक प्रति और उसमें दर्ज चिकित्सकीय निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इसकी पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कोतवाली परिसर में हुई थी युवक की मौत*
घटना के बाद से ही युवक की मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस की शुरुआती जानकारी में युवक के फंदे पर लटकने की बात कही गई थी, जबकि परिजनों ने पुलिस पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया। इसके बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप भी ले लिया।
प्रशासन ने भी की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी और विवेचना से जुड़े पुलिसकर्मी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, प्रशासन की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही गई है।
पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ और मृत्यु के बाद शव को फंदे पर लटकाए जाने के आरोप में कितनी सच्चाई है, यह जांच का प्रमुख बिंदु है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच, सीसीटीवी फुटेज, कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान और अन्य साक्ष्यों से घटना की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने अपने बयान में एसपी प्रतापगढ़ को न्यायप्रिय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जताई है। फिलहाल मामले में लगाए जा रहे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हो सकेगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच की कही बात
कोतवाली परिसर में हुए घटनाक्रम को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच कराई जाने की बात कही है।
फोटो AI निर्मित है।
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