
खुशियों की दास्तां
-ड्रिप सिंचाई से मिर्च की खेती में आशुतोष को मिली सफलता
-किसान को मिला दो लाख का शुद्ध लाभ
अनोखा तीर, हरदा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिले के खिरकिया विकासखंड के ग्राम चारुवा हरिपुरा माल के प्रगतिशील किसान आशुतोष बघेला ने इस योजना का लाभ लेकर अपनी तकदीर बदल ली है। बघेला एक प्रगतिशील किसान हैं। उनके पास कुल 6 एकड़ कृषि भूमि है और वे पिछले लगभग 5 वर्षों से अपनी जमीन पर मिर्च की खेती कर रहे हैं। पहले पारंपरिक तरीके से सिंचाई करने पर पानी अधिक लगता था और फसल का उत्पादन भी अपेक्षित नहीं मिल पाता था। इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया, जहां उन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के संबंध में जानकारी मिली। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने 2.25 एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया। इस हेतु उन्हें शासन की ओर से 63,658 रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। अनुदान प्राप्त होने के बाद बघेला ने अपने मिर्च के खेत में ड्रिप सिस्टम के साथ-साथ प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक का भी उपयोग किया। इस आधुनिक तकनीक से उन्हें दोहरा लाभ मिला। एक ओर जहां ड्रिप के माध्यम से पौधों की जड़ों तक बूंद-बूंद पानी पहुंचा, वहीं मल्चिंग से खेत में नमी लंबे समय तक बनी रही और खरपतवार की समस्या लगभग समाप्त हो गई। इससे उनकी फसल पहले की तुलना में अधिक स्वस्थ और व्यवस्थित रही तथा पानी की भी काफी बचत हुई। उन्नत तकनीक का परिणाम यह रहा कि उन्हें मिर्च की फसल से प्रति एकड़ लगभग 150 क्विंटल का भरपूर उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पादित मिर्च का विक्रय उन्होंने स्थानीय बाजार एवं सीधे खेत से ही व्यापारियों को किया, जिसका औसत बाजार मूल्य उन्हें लगभग 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल प्राप्त हुआ। इस प्रकार इस फसल में उनकी कुल लागत लगभग ढाई लाख रुपए आई, जबकि कुल आय लगभग 4 लाख 50 हजार रुपए हुई और उन्होंने लगभग 2 लाख रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया। आशुतोष बघेला की यह सफलता यह दर्शाती है कि यदि किसान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी शासन की योजनाओं और ड्रिप-मल्चिंग जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं तो कम लागत और कम पानी में भी अधिक उत्पादन लेकर अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।
Harda, Harda | Oct 2, 2026