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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की विदेश में पढ़ाई, छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और हाउस रेंट को लेकर उठे सवालों के बीच पार्टी ने पलटवार किया है। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पार्टी अपने दस्तावेज सार्वजनिक करने के लिए तैयार है, लेकिन उससे पहले सरकार को पीएम केयर्स फंड और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। मीडिया से बातचीत में सौरव दास ने कहा कि अभिजीत दिपके पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं तो वह भी अपनी डिग्री, छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने के लिए तैयार हैं। सौरव दास ने कहा कि सरकार पहले पीएम केयर्स फंड का ऑडिट कराए, साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करे। उन्होंने यह भी मांग की कि भारतीय जनता पार्टी को मिलने वाली फंडिंग के स्रोतों की जानकारी भी सार्वजनिक की जाए। उनका कहना था कि यदि उनकी पार्टी से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं तो दूसरे पक्ष को भी पारदर्शिता दिखानी चाहिए। हाउस रेंट और अन्य आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने कहा कि इन मुद्दों पर जो खबरें और चर्चाएं चल रही हैं, वे उनके अनुसार बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि इन बातों को देखकर ऐसा लगता है कि इन पर स्टैंड-अप कॉमेडी बनाई जा सकती है और लोगों को इन्हें उसी नजरिए से देखना चाहिए। पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद सौरव दास ने कहा कि हालिया प्रदर्शन के बाद आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा की जा रही है। उनके अनुसार पार्टी इस अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने की योजना बना रही है और 6 अगस्त को आगे की रणनीति सार्वजनिक करेगी। इससे पहले अभिजीत दिपके ने भी कहा था कि उन्होंने अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण की मदद से पढ़ाई की है। उनका कहना है कि वह अपनी छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और डिग्री से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने को तैयार हैं, यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं। दिपके ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों के पीछे केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस आरोप पर संबंधित एजेंसियों या सरकार की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल हाउस रेंट, पढ़ाई और वित्तीय दस्तावेजों को लेकर उठे सवालों पर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।

Gormi, Bhind | Aug 6, 2026