
राम मंदिर दान चोरी मामले की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जांच हो, एसआईटी जांच पर उठे सवाल: कुलदीप सिंह राठौर
शिमला, 3 जुलाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में लीपापोती करने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच के जरिए केवल एक व्यक्ति को मोहरा बनाकर इस कथित मामले में शामिल बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यह मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
राठौर ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण से लेकर इसके लोकार्पण तक धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी लाभ के लिए जल्दबाजी में मंदिर का लोकार्पण किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कड़ी सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित राम मंदिर से कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये के दान की चोरी कैसे हो गई और अब तक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि किसी अन्य दल की सरकार के समय ऐसा मामला सामने आता तो भाजपा पूरे देश में बड़ा आंदोलन खड़ा कर देती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने के लिए किया है। इसलिए निष्पक्ष जांच केवल उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में ही संभव है।
राठौर ने कहा कि भगवान श्रीराम सब कुछ देख रहे हैं और भाजपा ने मंदिर दान की कथित चोरी कर करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस मामले में जनता और भगवान श्रीराम के प्रकोप से नहीं बच पाएगी।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित नंदा, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल और कांग्रेस सचिव प्रदीप सूर्या भी मौजूद रहे।