
मोतिहारी की बेटी का ऐतिहासिक महा-धमाका: महज़ 126 गेंदों में ठोक दिए 306 रन, बनीं बिहार अंडर-19 की कप्तान!
#पूर्वी_चंपारण #रक्सौल के लिए बेहद गर्व का पल! बिहार क्रिकेट को वैभव सूर्यवंशी के बाद अब एक और नई सनसनी मिल गई है। भारत-नेपाल सीमा पर बसे रक्सौल की 15 वर्षीय अक्षरा गुप्ता ने अपनी कड़ी मेहनत और विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
शहर में क्रिकेट का कोई बड़ा मैदान या बड़ी अकादमी नहीं थी, लेकिन अक्षरा के इरादे इतने मजबूत थे कि उन्होंने घर के पास बने एक छोटे से नेट में ही दिन-रात पसीना बहाया और आज महिला क्रिकेट में इतिहास रच दिया।
🔹 एक ही सीजन में 4 बड़े आयु वर्ग: अक्षरा ने अंडर-15 वनडे, अंडर-19 टी-20, अंडर-19 वनडे और अंडर-23 टी-20 जैसे चार प्रमुख वर्गों में खेलकर एक नया कीर्तिमान बनाया है।
🔹 126 गेंदों में 306 रन: भागलपुर में आयोजित बिहार जोनल प्रतियोगिता में अक्षरा ने महज़ 126 गेंदों पर 306 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 55 चौके और 8 छक्के शामिल थे (स्ट्राइक रेट: 242.86)।
🔹 लगातार धमाका: इस ऐतिहासिक पारी के ठीक 4 दिन बाद उन्होंने एक और मैच में सिर्फ 68 गेंदों में 164 रन ठोक दिए।
उनके इसी शानदार प्रदर्शन को देखते हुए बिहार क्रिकेट संघ (BCA) ने उन्हें बिहार अंडर-19 टी-20 और वनडे टीम की कमान (कप्तान) सौंप दी है।
अक्षरा की इस सफलता के पीछे उनके चाचा रामकृपा गुप्ता (पूर्व क्रिकेटर) का बड़ा हाथ है। उन्होंने ही घर के पास नेट तैयार कराया, जहाँ अक्षरा रोज़ 5 से 6 घंटे कड़ी प्रैक्टिस करती हैं। रील और सोशल मीडिया पर समय गंवाने के बजाय अक्षरा खाली समय में इंटरनेशनल मैचों के वीडियो देखकर अपनी बैटिंग और बॉलिंग की तकनीक सुधारती हैं।
अक्षरा के दादा फागू साह, पिता राजकिशोर साह और मां रीना गुप्ता को पूरा भरोसा है कि उनकी बेटी जल्द ही टीम इंडिया की नीली जर्सी में नज़र आएगी। अक्षरा कहती हैं, "मेरा सपना भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलना है। अगर यह मौका मिला तो यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य होगा।"
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