
किसकी लगी नजर
सभी जगह के चोर उत्तराखंड में जमा हो गए
बद्रीनाथ चढ़ावा मामला
Sunspension सस्पेंड होने के बाद अब अध्यक्ष #hemantdevedi के निजी सहायक #prmodnautiyal
प्रमोद नौटियाल के खिलाफ FIR दर्ज, बद्रीनाथ चढ़ावा मामला
प्रमोद नौटियाल के खिलाफ FIR दर्ज, अब पुलिस जांच भी शुरू...
चढ़ावा अनियमितता मामले में BKTC के वैयक्तिक सहायक *प्रमोद नौटियाल* की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पहले निलंबन, अब पुलिस केस।
*क्या है पूरा मामला:*
1. *FIR दर्ज*: बीकेटीसी के मंदिर अधिकारी *युद्धवीर पुष्पवान* की तहरीर पर *8 जुलाई 2026* को थाना बदरीनाथ में FIR संख्या *0006* दर्ज हुई
2. *कौन सी धाराएं*: *BNS 2023 की धारा 306 और 316(5)* के तहत मुकदमा दर्ज किया गया
3. *आरोप क्या है*: तहरीर के अनुसार 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर वित्तीय अनियमितता की सूचना मिली। जांच समिति ने पाया कि प्रमोद नौटियाल ने *सुबह 9 से 9:30 बजे के बीच मंदिर की धनराशि अनधिकृत तरीके से उठाई*
4. *पहले की कार्रवाई*: 7 जुलाई को BKTC ने उन्हें *निलंबित* कर ज्योतिर्मठ से संबद्ध कर दिया था
*BKTC का स्टैंड:*
समिति ने कहा था कि आरोपी को पद पर रखने से निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। अब मामला विभागीय जांच से आगे बढ़कर *आपराधिक जांच* में पहुंच गया है।
*पुलिस*: मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
*नोट*: FIR दर्ज होना अंतिम दोष सिद्धि नहीं है। दोषी या निर्दोष का फैसला पुलिस जांच और कोर्ट की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
#Badrinath #BKTC #PramodNautiyal #FIR #Uttarakhand #Dehradun #DonationScam #BNS #UttarakhandPolice
चाहो तो BNS की धारा 306 और 316(5) में क्या है वो भी बता दूं? पुलिस जांच भी शुरू...
चढ़ावा अनियमितता मामले में BKTC के वैयक्तिक सहायक *प्रमोद नौटियाल* की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पहले निलंबन, अब पुलिस केस।
*क्या है पूरा मामला:*
1. *FIR दर्ज*: बीकेटीसी के मंदिर अधिकारी *युद्धवीर पुष्पवान* की तहरीर पर *8 जुलाई 2026* को थाना बदरीनाथ में FIR संख्या *0006* दर्ज हुई
2. *कौन सी धाराएं*: *BNS 2023 की धारा 306 और 316(5)* के तहत मुकदमा दर्ज किया गया
3. *आरोप क्या है*: तहरीर के अनुसार 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर वित्तीय अनियमितता की सूचना मिली। जांच समिति ने पाया कि प्रमोद नौटियाल ने *सुबह 9 से 9:30 बजे के बीच मंदिर की धनराशि अनधिकृत तरीके से उठाई*
4. *पहले की कार्रवाई*: 7 जुलाई को BKTC ने उन्हें *निलंबित* कर ज्योतिर्मठ से संबद्ध कर दिया था
*BKTC का स्टैंड:*
समिति ने कहा था कि आरोपी को पद पर रखने से निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। अब मामला विभागीय जांच से आगे बढ़कर *आपराधिक जांच* में पहुंच गया है।
*पुलिस*: मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
*नोट*: FIR दर्ज होना अंतिम दोष सिद्धि नहीं है। दोषी या निर्दोष का फैसला पुलिस जांच और कोर्ट की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
#Badrinath #BKTC #PramodNautiyal #FIR #Uttarakhand #Dehradun #DonationScam #BNS #UttarakhandPolice