छत्तीसगढ़ की गौरव, पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई जी पूरे देश की लोक-सांस्कृतिक पहचान थीं। अपनी अद्वितीय लोककला साधना और विलक्षण प्रतिभा से उन्होंने पंडवानी को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। उनके अमूल्य योगदान को चिरस्थायी सम्मान देने के लिए हमारी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
स्व. डॉ. तीजन बाई जी के सम्मान में लोक कलाकारों को प्रतिवर्ष ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, उनके पैतृक गांव गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा तथा उनकी कला-साधना के प्रतीक तंबूरे को रायपुर स्थित संग्रहालय में सम्मानपूर्वक संरक्षित किया जाएगा।