माफ कीजियेगा, पत्रकार हूँ इसलिए अपनी वेदना को बाहर आने से नहीं रोक सका, क्योंकि 24 जून को गोंडा में भानु प्रताप पर मगरमच्छ के हुए हमले की खबर पूरे देश ने देखी थी, उसमे शायद गोंडा के भी लोग रहे हों, लेकिन 34 दिनों तक इलाज के अभाव में तिल तिल मरने वाले भानु प्रताप की किसी ने कोई खोज खबर तक नहीं ली, उसे जैसा है उसके हाल पर मरने के लिए छोड़ दिया। मै पूछना चाहता हूँ जिले के सिस्टम को ऑपरेट करने वाले उन जिम्मेदारों से उस समय उनकी संवेदना कहां चली गई थी, अरे सरकार के पैसे से ही सही उस गरीब मजदूर का कहीं किसी बेहतर अस्पताल में इलाज ही करा देते तो शायद आज उसके परिवार पर ये विपदा आन न पड़ती। #gonda #gondaadministration #mpmla #priyankaniranjanias #CMYogiAdityanath
Gonda, Gonda | Jul 29, 2026