ये है भरत तिवारी जिनका एक दिन पहले पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मौत हो गई। कहा जाता है और वीडियो भी वायरल है कि जब भरत तिवारी ने हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया तब पुलिस वालों ने इस लड़के का एनकाउंटर कर दिया। जो कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। दूसरी बात इस भरत तिवारी का कभी कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा। फिर एनकाउंटर करना क्या दर्शाता है? ये गरीबों के लिए समाज के लिए आवाज उठाता था इसकी कहानी एक सोशल वर्कर की है। हां इसका तरीका गलत था। पुलिस के सामने हथियार लहराना अवैध रूप से जो गलत था। पुलिस उसे गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट का मुकदमा लगा सकती थी। जेल हो सकती थी। लेकिन पुलिस ही कोर्ट बन जाए पुलिस ही न्याय देने लग जाय तो फिर न्यायालय किस लिए है?
Barh, Patna | Jun 19, 2026