
पुलिस प्रताड़ना और वसूली से तंग आकर अधेड़ ने लगाई फांसी,परिजनों का हंगामा
हरदोई हरपालपुर अरवल थाना क्षेत्र के बेडीजोर गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब रामगंगा नदी के किनारे बबूल के पेड़ से लटकता हुआ एक अधेड़ का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान बेड़ीजोर निवासी शिव सिंह (40 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय नत्थू लाल के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने स्थानीय पुलिस के एक उप निरीक्षक और पड़ोसी ग्राम पंचायत के प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिसिया उत्पीड़न और अवैध वसूली से तंग आकर ही शिव सिंह ने आत्मघाती कदम उठाया।
गुरुवार शाम से लापता थे परिजनों के मुताबिक, शिव सिंह गुरुवार शाम करीब चार बजे से अचानक घर से गायब हो गए थे। परिवार के सदस्यों ने रातभर उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। शुक्रवार सुबह रामगंगा नदी के किनारे बबूल के पेड़ पर गमछे के फंदे से उनका शव लटकता हुआ पाया गया। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, 1 घंटे बाद पहुंची लोकल पुलिस ग्रामीणों ने घटना की सूचना सुबह 8:40 बजे स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तो मौके पर पहुंच गई, लेकिन महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अरवल थाने की लोकल पुलिस को घटना स्थल तक पहुंचने में 1 घंटा 5 मिनट का समय लग गया। पुलिस सुबह 9:45 बजे मौके पर पहुंची, जिससे ग्रामीणों और परिजनों में पुलिस की सुस्ती को लेकर भारी आक्रोश देखा गया।
प्रधान और दरोगा पर ₹30,000 की मांग और जेल भेजने की धमकी का आरोप मृतक के चाचा रामचंद्र ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पड़ोस के गांव की एक महिला किसी के साथ चली गई थी। इस मामले को लेकर स्थानीय ग्राम प्रधान ने पुलिस पर दबाव बनवाया। इसके बाद संबंधित उप निरीक्षक (दरोगा) ने शिव सिंह के घर पर दबिश देकर उन्हें मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया। आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने के लिए दरोगा द्वारा ₹30,000 की रिश्वत मांगी जा रही थी और पैसा न देने पर जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। इसी लोक-लाज और पुलिसिया खौफ के कारण शिव सिंह ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
शव उतारने से इंकार, उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े परिजन मृतक शिव सिंह अपने पीछे पत्नी देवकी, तीन बेटे (जितेन्द्र, धर्मेन्द्र, धीरेश) और तीन बेटियां (रोशनी, रेशमा, रश्मि) छोड़ गए हैं। पिता की मौत से बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर अरवल थाना अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ तैनात हैं, लेकिन आक्रोशित परिजनों ने शव को पेड़ से उतारने से साफ मना कर दिया है। परिजनों की मांग है कि आरोपी उप निरीक्षक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और मौके पर पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारी (विभागीय बड़े अफसर) आकर उन्हें इंसाफ का भरोसा दें।
थाना अध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार इस पूरे मामले पर अरवल थाना अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह का कहना है कि परिजनों द्वारा पुलिस और प्रधान पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। वही लगभग 3 घंटे तक अधेड़ का शव फांसी के फंदे पर पुलिस की मौजूदगी में लटकता रहा परिजन पुलिस के उच्च अधिकारियों को घटनास्थल पर बुलाने की बात करते रहे और ग्राम प्रधान उप निरीक्षक पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे वहीं क्षेत्र अधिकारी प्रवीण कुमार यादव ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराकर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शव को फांसी के फंदे से उतरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
Hardoi, Hardoi | Jul 3, 2026