
हर घर की चौकसी से ही बनेगा नशा मुक्त और सुरक्षित रेवाड़ी" : एसपी रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस
(रेवाड़ी समाचार पंकज कुमार)
-रेवाड़ी पुलिस की अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी, बच्चों को नशे, साइबर ठगी और असामाजिक तत्वों से बचाने के लिए अभिभावकों से की भावुक अपील
पुलिस अधीक्षक श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने जिले के सभी अभिभावकों से मार्मिक एवं संवेदनशील अपील करते हुए कहा कि आज के समय में बच्चों को केवल अच्छी शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संस्कार, संगत, व्यवहार और दैनिक गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखना भी प्रत्येक माता-पिता का प्रथम कर्तव्य है। यदि परिवार सजग रहेगा तो समाज सुरक्षित रहेगा और युवा पीढ़ी का भविष्य भी उज्ज्वल बनेगा।
उन्होंने कहा कि रेवाड़ी पुलिस नशा तस्करों, साइबर अपराधियों एवं समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। जिले में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने, युवाओं को जागरूक करने, स्कूलों एवं कॉलेजों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, साइबर सुरक्षा अभियान चलाने तथा समाज में सुरक्षित वातावरण स्थापित करने के लिए पुलिस निरंतर कार्यरत है। लेकिन पुलिस की यह लड़ाई तभी पूरी तरह सफल होगी, जब प्रत्येक अभिभावक अपने घर को भी जागरूकता का पहला केंद्र बनाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वर्तमान समय में नशा, मोबाइल फोन की लत, सोशल मीडिया का दुरुपयोग, ऑनलाइन गेमिंग, साइबर ठगी तथा असामाजिक तत्वों का प्रभाव युवाओं को धीरे-धीरे गलत दिशा में धकेल रहा है। कई बार बच्चे जिज्ञासावश, साथियों के दबाव या दिखावे की प्रवृत्ति के कारण ऐसे लोगों के संपर्क में आ जाते हैं, जो उनके भविष्य को अंधकारमय बना देते हैं। इसलिए माता-पिता को अपने बच्चों के मित्रों, उनकी दिनचर्या, मोबाइल के उपयोग, सोशल मीडिया गतिविधियों तथा उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों पर निरंतर नजर रखनी चाहिए।
एसपी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि यदि बच्चा अचानक चिड़चिड़ा रहने लगे, घर से अधिक समय बाहर बिताने लगे, पढ़ाई में रुचि कम हो जाए, बार-बार पैसों की मांग करने लगे या उसकी संगत संदिग्ध प्रतीत हो, तो इन संकेतों को कभी भी सामान्य न समझें। समय रहते संवाद, स्नेह और उचित मार्गदर्शन ही बच्चों को गलत रास्ते पर जाने से रोक सकता है। याद रखिए, जिन बच्चों के साथ माता-पिता प्रतिदिन कुछ समय खुलकर बातचीत करते हैं, वे अक्सर गलत संगत और नशे के जाल से दूर रहते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों को महंगे मोबाइल, वाहन या अन्य सुविधाएं देने से पहले उन्हें नैतिक मूल्य, अनुशासन और जीवन के सही उद्देश्य का ज्ञान दें। बच्चों के साथ प्रतिदिन समय बिताएं, उनकी समस्याएं सुनें तथा उन्हें खेल, शिक्षा, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें। परिवार का विश्वास, संवाद और संस्कार ही बच्चों की सबसे मजबूत सुरक्षा ढाल हैं।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि रेवाड़ी पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था ही नहीं, बल्कि समाज और परिवारों की सुरक्षा की एक सशक्त साझेदार भी है। पुलिस की टीमें लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही हैं, साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं तथा युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं।
यदि किसी भी अभिभावक को अपने बच्चे की गतिविधियों पर संदेह हो, किसी स्थान पर नशे की बिक्री या सेवन की जानकारी मिले अथवा कोई असामाजिक तत्व युवाओं को बहकाने का प्रयास कर रहा हो, तो बिना किसी भय के इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर अपराध से संबंधित मामलों में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
अंत में पुलिस अधीक्षक श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने भावुक शब्दों में कहा कि "बच्चों को महंगी वस्तुएं नहीं, बल्कि अपना समय, संस्कार और विश्वास दीजिए। आपका स्नेह, आपकी निगरानी और आपका मार्गदर्शन ही उन्हें नशे, साइबर अपराध और असामाजिक तत्वों से सुरक्षित रख सकता है।
आइए, पुलिस और समाज मिलकर एक ऐसा रेवाड़ी बनाएं, जहां हर युवा सुरक्षित हो, हर परिवार खुशहाल हो और हर घर नशा मुक्त हो। रेवाड़ी पुलिस आपकी सुरक्षा, सेवा और विश्वास के लिए हर पल, हर समय पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ आपके साथ खड़ी है।"
Rewari, Rewari | Jul 25, 2026