
थाने में उल्टा न्याय! पीड़ित को हवालात, अपहरणकर्ता को राहत; DIG ने रामगढ़वा बड़ा बाबू को किया सस्पेंड!
कहते हैं पुलिस जनता की रक्षक होती है, लेकिन चम्पारण में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे! यहाँ शिकायत लेकर पहुंची एक बेबस महिला के पति को ही पुलिस ने 24 घंटे तक हाजत में बंद रखा, जबकि कथित अपहरणकर्ता को महज एक घंटे में चाय-पानी पिलाकर छोड़ दिया गया!
मामला सामने आने के बाद पश्चिम चम्पारण क्षेत्र (बेतिया) के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) हरकिशोर राय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगढ़वा थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
📌 क्या है पूरा मामला?
रखवरिया की रहने वाली सुनीता देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 जून को उनके पति बालकन्हाई महतो का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था। डायल-112 की मुस्तैदी के कारण पुलिस ने अपहृत व्यक्ति और कथित अपहरणकर्ता दोनों को बरामद कर लिया। लेकिन थाने आते ही खेल बदल गया!
आरोप 1: कथित अपहरणकर्ता को सिर्फ 1 घंटे में छोड़ दिया गया।
आरोप 2: पीड़ित बालकन्हाई महतो को बिना किसी कानूनी वजह के 24 घंटे तक लॉकअप में प्रताड़ित किया गया।
आरोप 3: इलाके में चल रहे सूदखोरी के खेल की जानकारी होने के बावजूद थानाध्यक्ष ने कोई FIR दर्ज नहीं की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए DIG हरकिशोर राय ने थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन थानाध्यक्ष का जवाब पूरी तरह गोलमोल और असंतोषजनक था। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमाना रवैया मानते हुए DIG ने थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, उक्त थानाध्यक्ष पर पहले भी निर्दोष व्यवसायियों को झूठे मुकदमों में फंसाने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगते रहे हैं। DIG की इस त्वरित कार्रवाई का स्थानीय जनता ने स्वागत किया है।
क्या ऐसे पुलिस अधिकारियों पर सिर्फ निलंबन काफी है या जेल की सजा होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!
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