रामपुर तिराहा कांड: 32 साल बाद फर्जी हथियार बरामदगी मामले में तीन पूर्व पुलिसकर्मी दोषी
उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े चर्चित रामपुर तिराहा कांड में 32 साल बाद बड़ा फैसला आया है। मुजफ्फरनगर की विशेष सीबीआई अदालत ने फर्जी हथियार बरामदगी मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष बृजकिशोर, कांस्टेबल उमेश चंद और अनिल कुमार को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को डेढ़ वर्ष के कठोर कारावास और ₹21,000 जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला 1-2 अक्टूबर 1994 के रामपुर तिराहा कांड से जुड़ा है, जब अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई हुई थी। अदालत के इस फैसले को उत्तराखंड आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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