तिसरी प्रखंड मुख्यालय में संचालित निजी विद्यालयों में बच्चों के आवागमन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे चारपहिया वाहनों के इंश्योरेंस की जांच कराए जाने की जरूरत है। दावा किया जा रहा है कि यदि इन वाहनों के बीमा की जांच की जाए, तो लगभग 90 प्रतिशत वाहन निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर सकते हैं।बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन को निजी विद्यालयों में चलने वाले सभी चारपहिया वाहनों के इंश्योरेंस, फिटनेस, परमिट तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करानी चाहिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच अभियान चलाएगा?
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