
**"Anjana Om Kashyap की पत्रकारिता" का असली सच आ गया सामने...‼️**
तस्वीर में दिख रहा यह एडमिट कार्ड ध्यान से देख लीजिए। साल 2002 में जामिया मिलिया इस्लामिया से 'PG Diploma' का एडमिट कार्ड लेकर मीडिया जगत में कदम रखने वाली 'गोदी मीडिया' की स्टार एंकर आज खुद को सुप्रीम कोर्ट समझने लगी हैं!
हद तो तब हो गई जब आज ये टीवी स्टूडियो में बैठकर IIT, NEET और UPSC जैसे देश के सबसे कठिन इम्तिहानों की तैयारी कराने वाले सम्मानित शिक्षकों को "दो कौड़ी का", "फ्रॉड" और "बिना डिग्री वाला" बता रही हैं!
**अरे मैडम, जरा आईना तो देखिए...!**
खुद की शैक्षणिक योग्यता सिर्फ एक 'पीजी डिप्लोमा' (PG Diploma) है, और उँगली उन टीचर्स पर उठा रही हैं जो दिन-रात एक करके, पसीना बहाकर, देश के लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और अफसर बनाने का सपना पूरा कर रहे हैं।
क्या आपको अंदाजा भी है कि एक शिक्षक बनने के लिए कितनी रातें जगनी पड़ती हैं? एक गरीब बच्चे को मुकाम तक पहुँचाने के लिए कितनी मेहनत लगती है? नहीं पता होगा... क्योंकि आपको तो बस स्टूडियो की एयरकंडीशंड हवा में बैठकर सिर्फ TRP, व्यूज और 'ब्रेकिंग न्यूज' के नाम पर एजेंडा चलाना आता है!
अब पूरा देश और देश का युवा जाग चुका है। वह अच्छे से देख रहा है कि असली फ्रॉड कौन है। जब बात खुद पर आती है, तो सांप सूंघ जाता है, और जब दूसरों को बदनाम करना हो, तो चीख-चीखकर गला फाड़ लिया जाता है।
पत्रकारिता का स्तर तो पहले ही गिरा चुकी थीं, अब देश के निर्माताओं (शिक्षकों) पर कीचड़ उछालकर अपनी मानसिकता भी साफ कर दी। सच ही कहा है किसी ने— "झाल-मूड़ी पत्रकारिता" करने वालों से इससे ज्यादा उम्मीद भी क्या की जा सकती है! 🤐👇
पहले खुद की डिग्री और मर्यादा का चेहरा देख लीजिए, फिर देश के गुरुओं पर उँगली उठाइएगा!
News Source: Aam Aadmi Party page
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