
परौर सत्संग में ट्रैफिक जाम से बचने के लिए किया जाएगा विशेष ट्रैफिक डायवर्जन ।
पुलिस थाना भवारना के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र परौर (जिला कांगड़ा) में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के आध्यात्मिक प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों और हुजूर जसदीप सिंह गिल द्वारा 03 और 04 अक्टूबर 2026 को सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। इस समागम में पठानकोट, होशियारपुर, मंडी, पालमपुर एवं सुजानपुर की ओर से लगभग 90,000 से 95,000 श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है।
सुचारू यातायात संचालन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु जिला पुलिस प्रशासन द्वारा 02 अक्टूबर 2026 से 05 अक्टूबर 2026 तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन एवं पार्किंग योजना लागू की गई है:
पार्किंग व्यवस्था:
पठानकोट की ओर से आने वाले वाहन: भारी वाहन (बस, ट्रक, टेम्पो आदि) राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-154) पर दरांग से सत्संग केंद्र के बीच निर्धारित पार्किंग स्थलों पर पार्क किए जाएंगे। हल्के वाहनों की पार्किंग राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, दरांग के प्रांगण में होगी।
मंडी-पालमपुर-सुजानपुर की ओर से आने वाले वाहन: भारी वाहनों को रेलवे क्रॉसिंग परौर के रास्ते डायवर्ट कर ग्राम परौर के मैदान में पार्क कराया जाएगा। हल्के वाहनों (कार एवं दोपहिया) की पार्किंग राजकीय माध्यमिक पाठशाला परौर (निकट रेलवे स्टेशन) तथा परौर-लाहला मार्ग पर होगी।
ट्रैफिक डायवर्जन व्यवस्था:
यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए निर्धारित समय के दौरान भारी वाहनों, बसों, सेना के वाहनों, एम्बुलेंस एवं वीवीआईपी/वीआईपी काफ़िलों को छोड़कर निम्नलिखित रूट डायवर्ट रहेंगे:
मलां से पालमपुर: भारी वाहन मलां से ढाड-नगरी मार्ग होते हुए पालमपुर की ओर जाएंगे।
पालमपुर से मलां: पालमपुर की तरफ से आने वाले वाहन नगरी-ढाड रोड होते हुए मलां की ओर भेजे जाएंगे।
धीरा से आने वाला यातायात: इसे परौर-लाहला-गोपालपुर एवं दराटी मार्ग की ओर मोड़ा जाएगा। यदि कोई वाहन पालमपुर से परौर की ओर आता है, तो उसे मेंझा रोड से नगरी की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।
होशियारपुर से आने वाला यातायात: इसे कांगड़ा बाईपास से कछियारी एवं टांडा मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने सर्वसाधारण से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए निर्धारित रूटों व पार्किंग स्थलों का ही प्रयोग करें तथा यातायात नियमों एवं पुलिस दिशा-निर्देशों का पालन करें। चूंकि परौर के आसपास फोरलेन का निर्माण कार्य जारी है, जिससे यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हो सकती है, अतः बताए गए रूटों का ही उपयोग करें।