मधुबन जलाशय निर्माण परियोजना के सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के प्रारूप प्रतिवेदन पर जन सुनवाई आयोजित
सनोज कुमार संगम
नवादा जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना द्वारा तैयार सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (Social Impact Assessment) के प्रारूप प्रतिवेदन पर मधुबन ग्राम के ग्रामीणों के साथ जन सुनवाई आयोजित की गई।
उल्लेखनीय है कि नवादा शहर के शेष वार्डों एवं बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र में गिर रहे भू-जल स्तर में सुधार लाने तथा शुद्ध पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गंगाजल आपूर्ति योजना, फेज-02 (पार्ट-01) के अंतर्गत 27 एमसीएम क्षमता के जलाशय का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए अन्य भूमि के अतिरिक्त 14.297 एकड़ आवासीय भूमि का भू-अर्जन प्रस्तावित है। इसी क्रम में तैयार सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के प्रारूप प्रतिवेदन पर प्रभावित ग्रामीणों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करने के उद्देश्य से जन सुनवाई आयोजित की गई।
जन सुनवाई को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि मधुबन जलाशय परियोजना क्षेत्र में भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति तथा जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जन सुनवाई के दौरान मधुबन निवासी श्री मनोज यादव ने विस्थापित परिवारों की ओर से अपनी बात रखते हुए समुचित पुनर्वास, बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली एवं पेयजल की उपलब्धता, पशु शेड की व्यवस्था तथा न्यायसंगत मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि प्रभावित परिवार सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सकें।
ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सरकार की नीति एवं प्रावधानों के अनुरूप विस्थापित परिवारों को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाएगा।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने अंचल अधिकारी, नारदीगंज को निर्देश दिया कि मधुबन एवं मोतनाजे ग्राम के प्रभावित परिवारों से संबंधित भूमि एवं अन्य सभी राजस्व अभिलेखों का शीघ्र अद्यतन कराया जाए, ताकि पुनर्वास एवं मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित मूल्यांकन में यदि कोई प्रभावित परिवार अथवा क्षेत्र छूट गया हो तो उसका पुनः मूल्यांकन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
जन सुनवाई कार्यक्रम में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अवर भू-अर्जन पदाधिकारी, सहायक अभियंता (सिंचाई प्रमंडल, बिहारशरीफ), कार्यपालक अभियंता (सिंचाई प्रमंडल, बिहारशरीफ), प्रखंड विकास पदाधिकारी, नारदीगंज, अंचल अधिकारी, नारदीगंज सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
Rajauli, Nawada | Aug 7, 2026