
टीबी मुक्त अभियान में औरंगाबाद का उत्कृष्ट प्रदर्शन, राज्य के शीर्ष-5 जिलों में शामिल।
औरंगाबाद। मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में टीबी मुक्त भारत अभियान की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में औरंगाबाद जिला की उल्लेखनीय प्रदर्शन की सराहना की गई। बैठक में सभी जिलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत औरंगाबाद जिला राज्य के शीर्ष-5 जिलों में शामिल है। जिले में अब तक 61,137 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जो निर्धारित साप्ताहिक लक्ष्य का 258 प्रतिशत है। यह उपलब्धि जिले की स्वास्थ्य टीम, जिला प्रशासन एवं सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
बैठक में बताया गया कि 14 अगस्त तक जिले में कुल 1,48,838 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि अभियान के प्रथम सप्ताह में जिले में लगभग 15,000 स्क्रीनिंग ही हो सकी थी, जबकि निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप अब स्क्रीनिंग का आंकड़ा एक लाख से अधिक तक पहुंच चुका है। मुख्य सचिव ने इस उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए अभियान की गति एवं गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान की टीम को निरंतर सक्रिय एवं सुदृढ़ बनाए रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान में एसडीसी(वरीय उप समाहर्ता) को नोडल की भूमिका में रखते हुए जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं व्यवहार परिवर्तन संबंधी गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समयबद्ध ढंग से प्राप्त किया जा सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि औरंगाबाद जिले में **निक्षय मित्र** के रूप में **NTPC** एवं **BRBCL** सक्रिय रूप से अभियान का सहयोग कर रहे हैं। इनके माध्यम से टीबी मरीजों को पोषण सहायता एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अभियान को और मजबूती मिल रही है।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) ने कहा कि औरंगाबाद जिले की यह उपलब्धि सभी स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों, संबंधित विभागों तथा निक्षय मित्रों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि *"हमारा लक्ष्य केवल निर्धारित संख्या में स्क्रीनिंग करना नहीं, बल्कि प्रत्येक संभावित टीबी मरीज की समय पर पहचान कर उसे गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन अभियान की निरंतर निगरानी कर रहा है और 14 अगस्त तक निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के साथ-साथ औरंगाबाद को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।"
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना अथवा अन्य टीबी संबंधी लक्षण हों तो वे निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में नि:शुल्क जांच कराएं। समय पर जांच एवं उपचार से टीबी का पूर्ण इलाज संभव है।