
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और SIR के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को बड़ा प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन में AAP नेताओं, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। पुलिस ने आतिशी, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, नेहा बोरा और योगेंद्र यादव समेत 700 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में जुटने लगे। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचीं, जहां पुलिस ने उन्हें योगेंद्र यादव और RTI कार्यकर्ता निखिल डे के साथ हिरासत में ले लिया।
AAP नेता संजय सिंह ने भी सड़क पर बैठकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि वह संसद सदस्य हैं और संसद में कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें आगे जाने से रोका गया। वहीं सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति मांगी गई थी।
हिरासत में लिए जाने के बाद आतिशी ने X पर एक वीडियो साझा कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। आतिशी ने कहा कि वोट से जुड़े मुद्दे पर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, कांग्रेस ने भी X पर प्रदर्शन का समर्थन करते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने NSUI कार्यकर्ताओं के मार्च का जिक्र करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। दूसरी ओर TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रदर्शन के समर्थन में पोस्ट किया और कहा कि लोकतांत्रिक मुद्दों पर विरोध करने के लिए नागरिकों के अधिकार का सम्मान होना चाहिए।
CJP ने भी सोशल मीडिया पर दिल्ली में लगाए गए सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए। पार्टी ने बैरिकेडिंग, सड़कों को रोकने, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती का जिक्र किया।
प्रदर्शन के बीच दिल्ली मेट्रो पर भी असर पड़ा। ABP की रिपोर्ट के मुताबिक राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, जंतर-मंतर समेत 12 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद किए गए। हालांकि इंटरचेंज की सुविधा कुछ स्टेशनों पर जारी रखी गई। इससे पहले ABP ने 11 स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट बंद किए जाने की जानकारी भी दी थी।
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित रहीं। ABP की शुरुआती रिपोर्ट में नेटवर्क धीमा होने की बात कही गई थी, जबकि बाद की रिपोर्ट में कुछ यूजर्स को सरकारी निर्देशों के तहत इंटरनेट सेवा बंद होने का संदेश मिलने की जानकारी सामने आई।
प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन और बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की गई। वहीं प्रदर्शनकारी इसे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं।
इस पूरे प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष तथा छात्र संगठनों की आपत्तियां हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है, जबकि चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अपना अलग पक्ष रखा गया है।
Gormi, Bhind | Oct 3, 2026