
*धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जंतर-मंतर पर CJP दीपके बोले- झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए*
न्यूज़ इंडिया नेशन श्रवण यादव
25.07.2026
*पेपर लीक* के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच शनिवार दोपहर बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है।।
*धर्मेंद्र प्रधान* ने पीएम मोदी को दो पन्नों की चिट्ठी लिखते हुए अपना इस्तीफा दे दिया है. इससे जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है. धर्मेंद्र से इस्तीफे की घोषणा से पहले जंतर-मंतर पर शनिवार दोपहर बाद झड़प हुआ. लखनऊ, पटना में भी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हंगामा और लाठीचार्ज हुआ. इस प्रदर्शन के बीच बीते 48 घंटों में सरकार के रुख में बड़ा बदलाव आया था. लगातार कई एक्शन हुए. शिक्षा सचिव को हटाया गया है, NTA के 47 कर्मी बर्खास्त किए गए हैं, पेपर लीक केस की जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात आगे बढ़ी है. सरकार से मिले आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था।।
*धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे क्या कुछ लिखा।।*
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में लिखा- मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है।।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।।
इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही
साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।।
16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।।
मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।
पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दु:खी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है.देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए *मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है*
मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूँगा.प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूँगा.
*आपका,धर्मेंद्र प्रधान*
*प्रधान के इस्तीफे पर दीपके बोले* -यह इस बात का सबूत कि लोकतंत्र में डरें नहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक पत्र पोस्ट करके बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है, तो *CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके* ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं और इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी से भी इस्तीफा ले सकते हैं लोकतंत्र में डरें नहीं.”