
#राजस्थान की राजधानी जयपुर की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने मध्य प्रदेश पुलिस के तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा को एक चर्चित आपराधिक मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने महिला से दुष्कर्म और उसकी नाबालिग पुत्री के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में यह फैसला सुनाया।
अदालत के फैसले के अनुसार, दोषी ने पीड़िता के पति की जेल से जुड़े मामले में मदद का भरोसा दिलाकर उसका विश्वास जीता। इसके बाद कथित तौर पर उसे अलग-अलग शहरों में ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने के बावजूद अभियुक्त ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया, जबकि उसकी जिम्मेदारी आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना थी।
अदालत ने महिला से दुष्कर्म के मामले में अनिल मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, पीड़िता की नाबालिग पुत्री के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में पॉक्सो कानून के तहत तीन वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संदीप वाजपेयी और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मुकेश पाठक ने अदालत को बताया कि पीड़िता ने 11 जुलाई 2014 को जयपुर के महिला थाना (दक्षिण) में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने पर अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध मानते हुए यह फैसला सुनाया।
यह फैसला इस बात का महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति अपने पद या प्रभाव के कारण जवाबदेही से ऊपर नहीं है। अदालत ने अपने निर्णय में पीड़िता के साथ हुए अपराध की गंभीरता और अभियुक्त के पद की जिम्मेदारी को भी महत्वपूर्ण आधार माना।
Gormi, Bhind | Aug 5, 2026