
जनविश्वास सबसे बड़ी जिम्मेदारी
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास होता है। जब कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगते हैं, तो उन सवालों का जवाब पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्रवाई से देना आवश्यक हो जाता है।
जिले में समय-समय पर ऐसी चर्चाएं सामने आती हैं कि कुछ मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाती। कहीं विवेचना लंबी चलने की बात कही जाती है, तो कहीं न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत होने में देरी की शिकायतें सुनने को मिलती हैं। ऐसे हालात लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं पैदा करते हैं।
आम नागरिक की अपेक्षा केवल इतनी है कि कानून सभी के लिए समान रूप से लागू हो। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, जांच निष्पक्ष, समयबद्ध और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। इससे न केवल न्याय होता है, बल्कि न्याय होता हुआ दिखाई भी देता है।
पुलिस प्रशासन यदि समय-समय पर लंबित मामलों की समीक्षा कर पारदर्शी ढंग से कार्रवाई की जानकारी साझा करे, तो जनता का भरोसा और मजबूत होगा। कानून पर विश्वास तभी कायम रहेगा, जब हर व्यक्ति को यह महसूस हो कि न्याय बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए समान है।