विकसित देशों के लिए चुनौती बने भारत का हुआ नये युग में प्रवेश
विकसित देशों के लिए चुनौती बना भारत शुक्रवार को हाइड्रोजन ट्रेन के नये युग में प्रवेश कर गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा की राजनीतिक राजधानी कहे जाने वाले जींद से हवा-पानी से चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जींद से सोनीपत के बीच दौड़ेगी।
यह हाइड्रोजन ट्रेन 89 किलोमीटर के सफर में गोहाना सहित 12 स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन का किराया मौजूदा पैसेंजर ट्रेनों की तरह 10 से 35 रुपये रहेगा। नई तकनीक के कारण इसकी अधिकतम गति 75 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। बाद में इसका दिल्ली तक विस्तार करने की योजना है। इन दोनों शहरों के बीच 15 स्टेशन होंगे। इसके साथ ही भारत अब जर्मनी, फ्रांस, इटली, चीन और जापान जैसे चुनिंदा देशों के विशेष क्लब में शामिल हो गया है।
उद्घाटन यात्रा में यात्रियों ने शांत, बिना धुएं वाले सफर और आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। हालांकि कुछ यात्रियों ने सीट कवर का रंग कपड़ों पर लगने की शिकायत की, जिस पर रेलवे ने आवश्यक सुधार का भरोसा दिया।