
औरंगाबाद में हत्या के मामले में बाप-बेटे को सश्रम आजीवन कारावास। कोर्ट ने 10-10 हजार जुर्माना भी लगाया, पीड़ित परिजनों को आर्थिक सहायता देने का निर्देश।
व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में हत्या के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवम की कोर्ट ने बाप-बेटे को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
*क्या है मामला - दाउदनगर थाना कांड संख्या 299/23*
*STR - 557/23, GR - 227/23*
*दोषी*: शिवम कुमार और रंजीत चंद्रवंशी, निवासी चौरम, दाउदनगर
एपीपी राजाराम चौधरी ने बताया कि कोर्ट ने दोनों को भादवि धारा 302/34 में दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित होगी।
साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद को निर्देश दिया गया है कि पीड़ित परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
*घटना का विवरण*
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि वाद सूचक नीरज कुमार, चौरम, दाउदनगर ने 20.05.2023 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप के अनुसार 20.05.2023 को सुबह करीब 5:30 बजे पीड़िता संजु कुंअर शौच कर घर लौट रही थी। चापाकल के पास अभियुक्तों से किसी बात को लेकर बहस हो गई। इसी दौरान शिवम कुमार ने चाकू से और उसके पिता रंजीत चंद्रवंशी ने लाठी से हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया।
इलाज के दौरान 22.05.2023 को संजु कुंअर की मौत हो गई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र दायर किया था। मामले में अभियोजन की ओर से 6 गवाहों की गवाही कराई गई। कोर्ट ने 23.06.2026 को दोनों को दोषी करार दिया था। शिवम कुमार घटना के समय से ही जेल में बंद है।
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